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भाजपा विधायक का निधन: आखिरी साढ़े तीन घंटे... हंसी-ठिठोली के बाद अपनों को रुला गए प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल

Sat, 03 Jan 2026 10:40 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में फरीदपुर विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल के निधन से हर कोई हतप्रभ है। शुक्रवार को सर्किट हाउस में बैठक के दौरान उनको हार्ट अटैक आया। अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। विधायक के साथ बिताए गए आखिरी पलों को याद कर जिले के जनप्रतिनिधि भावुक हो गए। 
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दिवंगत विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल के शोकाकुल परिजन - फोटो : अमर उजाला
बरेली के फरीदपुर से भाजपा विधायक प्रोफेसर डॉ. श्याम बिहारी लाल 3:27 घंटे में हंसते-मुस्कुराते दिवंगत हो गए। नीली जैकेट और गुलाबी कुर्ता पहने विधायक ठीक शुक्रवार को 12:38 बजे बैठक में शामिल होने के लिए सर्किट हाउस पहुंचे थे। सभागार के बाहर लोगों का अभिवादन स्वीकारा और अंदर भी उनका पुराना अंदाज दिखा। उन्होंने बैठक में सहपाठी मीरगंज विधायक डीसी वर्मा से हंसी-ठिठोली कर ली। फिर अचानक कुछ ऐसा घटा, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। वह बेहद कम समय में दिवंगत हो गए। इससे भाजपा खेमे सहित आमजन मानस और छात्र-छात्राओं तक में शोक की लहर दौड़ गई।
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दिवंगत विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल - फोटो : अमर उजाला
सर्किट हाउस में चल रहे सहभोज में विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का इशारा पाकर भाजपा के आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप भी उनके वाहन के पीछे लग लिए थे। वह सीधे चौपुला स्थित एक अस्पताल में गए, जहां डॉक्टर उन्हें ऑक्सीजन दे रहे थे। वहां विधायक बातचीत करने लगे थे और खुद को ठीक बता रहे थे। भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसके बाद वह विधायक को लेकर मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने देखते ही विधायक के शरीर में कोई हलचल न होने की बात कह दी थी। हालांकि, वहां के डॉक्टरों ने उनके शरीर में हलचल पैदा करने का बहुत प्रयास किया, पर बचा नहीं पाए। 
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प्रो. श्याम बिहारी लाल के निधन के बाद उनके घर पहुंचे जनप्रितिनिधि - फोटो : अमर उजाला
आदेश प्रताप सिंह ने बताया कि विधायक के दिवंगत होने पर उन्होंने सबसे पहले कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को ही फोन कॉल कर सूचना दी। फिर कुछ देर में ही विधायक के पार्थिव शरीर को वह पीलीभीत रोड स्थित शक्ति नगर कॉलोनी स्थित घर ले गए। जिसको जहां भी सूचना मिली, वह विधायक के अंतिम दर्शन पाने उनके घर पहुंच रहा था। शाम 4:30 बजे के दौरान मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी, डीएम अविनाश सिंह, सीडीओ देवयानी, एसएसपी अनुराग आर्य भी पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। 

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अस्पताल में मौजूद विधायक के समर्थक व परिजन - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल पहुंचने तक थम गई थी पल्स, फैल गई थीं पुतलियां
मेडिसिटी अस्पताल के क्रिटिकल केयर फिजिशियन डॉ. विमल भारद्वाज के मुताबिक, बैठक के दौरान विधायक की सांस फूलने और चलने में दिक्कत होने की जानकारी मिली। सहारे से वह पास के अस्पताल गए। वहां ईसीजी जांच में हार्ट का लेफ्ट बंडल ब्रांच ब्लॉक मिला। बीपी भी नहीं था। मेडिकेशन के बाद डॉक्टर ने मुझसे संपर्क किया। अपराह्न तीन बजे के बाद उनको अस्पताल लाया गया, तब तक पल्स, बीपी नहीं था। पुतलियां फैल चुकी थीं। हार्ट बार-बार आ-जा रहा था।  
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अस्पताल में विधायक का पार्थिव शरीर, पास में खड़े डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
डॉ. विमल ने बातया कि विधायक को तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर इलाज शुरू किया। उनके साथ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत सोंधी, फिजिशियन डॉ. मुकुंद, डॉ. विवेक मिश्रा समेत दो जूनियर डॉक्टर इलाज में जुटे रहे। करीब 50 मिनट तक सीपीआर किया, लेकिन धड़कन शुरू नहीं हुई। शाम 4.05 बजे उनको मृत घोषित किया गया। डॉ. विमल ने बताया कि दो-तीन माह पहले दिल्ली के निजी अस्पताल में विधायक की एंजियोप्लास्टी हुई थी। वहां भी संपर्क किया गया था, ताकि बचाव की जो संभावना हो उसपर कार्य कर सकें। बाद में पता चला कि हृदय संबंधी जो दवा सुबह खानी थी, वह नहीं लिए थे। उसका सेवन दोपहर में किया था। 
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कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह - फोटो : अमर उजाला
घर आने का दिया था न्योता, पर अब क्या बताएं...
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि सर्किट हाउस में बैठक के दौरान विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल और मीरगंज विधायक डीसी वर्मा आपस में हंसी-मजाक कर रहे थे। इस दौरान फरीदपुर विधायक ने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। पांचाल महोत्सव को लेकर भी सुझाव दिया। पर्यटन की दृष्टि से भी कई ऐतिहासिक बातें बताईं। बताया कि बरेली शिवालिक क्षेत्र है। पचौमी में शिव मंदिर आठ-फुट नीचे से बना है। इसका विकास जरूरी है। इस पर डीएम ने शासन को अलग से प्रस्ताव भेजने की बात कही। 
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विधायक के निधन के बाद उनके घर पहुंचे जनप्रितिनिधि - फोटो : अमर उजाला
धर्मपाल सिंह ने बताया कि बैठक के बाद हम सभी वहां पंडाल में भोजन करने गए थे। वहीं उन्हें कुछ पसीना आया और इशारा पाकर आदेश प्रताप उन्हें पंडाल से लेकर निकल गए थे। मंत्री ने बताया कि इस पूरे कार्यक्रम के बीच हम लोगों को अनहोनी का कोई अंदाजा ही नहीं हुआ। फरीदपुर विधायक के निधन से बहुत पीड़ा है। हमने तो उन्हें अपने घर आने का न्योता भी दिया था, पर क्या बताएं...।

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भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल - फोटो : अमर उजाला
कुछ यूं रहा विधायक के आखिरी दिन का सफर
  • 12:38 बजे सर्किट हाउस पहुंचे थे।
  • 1:50 बजे बैठक समाप्त हुई।
  • 2:00 बजे सभी जनप्रतिनिधि व अधिकारी सर्किट हाउस में ही सहभोज में पहुंचे।
  • 2:15 बजे विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल की तबीयत बिगड़ी, वह स्टाफ संग निकल गए।
  • 2:30 बजे चौपुला स्थित डॉ. श्रीष मेहरोत्रा के अस्पताल पहुंचे।
  • 3:00 बजे चौपुला से मेडिसिटी ले जाए गए।
  • 3:10 बजे डॉक्टर ने देखते ही विधायक के शरीर में हलचल न होने की बात कही।
  • 4:05 बजे चिकित्सक ने विधायक के निधन की आधिकारिक घोषणा कर दी।

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एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत करते विधायक श्याम बिहारी लाल (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
सियासी सफर
  • 2007 में बसपा के विजयपाल सिंह से हारे। 
  •  2012 में सपा के सियाराम सागर से हारे।
  • 2017 में वह पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक बने।
  • 2022 में दोबारा विधायक बनकर फरीदपुर सीट का इतिहास बदला। बताते हैं कि फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार दूसरी बार कोई विधायक नहीं बन सका। कई नेता एक बार हारकर तो विधायक बने, लेकिन लगातार दो बार श्याम बिहारीलाल ही विधायकी पा सके। 
  • बचपन से स्वयंसेवक।
  • विद्यार्थी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रहे। 
  • विविध सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लिए कार्य किया। 
  • 1990 में विवाह हुआ।
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लंदन में पुरस्कार प्राप्त करते फरीदपुर विधायक श्याम बिहारीलाल (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
शैक्षिक यात्रा
  • प्रो. श्याम बिहारी लाल इंटर कॉलेज में भी अध्यापक रहे।
  • वह जेएनयू विवि की कमेटी के सदस्य रहे।
  • बीसलपुर में राजकीय महाविद्यालय में प्रोफेसर रहे। 
  • रुविवि में पहले प्रोफेसर रहे, फिर नौकरी छोड़ दी। 
  • कानपुर डाकघर में पोस्टमास्टर के पद पर छह महीने नौकरी की। 
  • दोबारा रुविवि में इतिहास के प्रोफेसर पद पर ज्वाॅइन किया।
  • रुविवि में वार्डन व विभागाध्यक्ष रहे।
  • वह विद्यार्थी परिषद में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे।
  • वह भाजपा में प्रदेश प्रवक्ता भी रहे। 
  • वह रुविवि से संबद्ध निजी डिग्री कॉलेज की नीति नियामक कमेटी के अध्यक्ष रहे।
  • वह मौजूदा समय में रुविवि के पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष थे।

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