एलआरसी चौराहे पर धरने पर बैठे विधायक योगेश वर्मा
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा जनता पार्टी विधायक योगेश वर्मा के कार्यकर्ता से शुक्रवार को वाहन टकराने को लेकर एलआरपी चौकी प्रभारी से कहासुनी हो गई। आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने कार्यकर्ता के साथ अभद्रता कर मारपीट की। सूचना पर समर्थकों संग विधायक एलआरपी चौकी पहुंच गए। नाराज विधायक पहले चौकी में ही धरने पर बैठ गए, फिर एलआरपी चौराहा पर जाम लगा दिया।
नेशनल हाईवे और लखनऊ मुख्य मार्ग होने के कारण लंबा जाम लग गया। एएसपी और सीओ समेत कई थानों की फोर्स मौके पर आ गई। विधायक इस बात पर अड़े रहे कि डीएम और एसपी मौके पर आकर चौकी इंजार्ज को निलंबित और कोतवाल को लाइन हाजिर करें। तड़के तीन बजे डीएम और एसपी के पहुंचने और आश्वासन देने पर विधायक ने धरना समाप्त किया। इसके बाद ही जाम खुल सका।
चौकी इंचार्ज और कोतवाल पर कार्रवाई का आदेश नहीं
एलआरपी चौकी इंचार्ज और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर पर कार्रवाई का कोई आदेश दूसरे दिन भी नहीं किया गया। वहीं, डीएम और एसपी छुट्टी होने के कारण किसी से भी नहीं मिले और न ही सेलफोन उठाया। काफी प्रयास के बावजूद डीएम और एसपी की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
विधायक के जानने वालों की कार में एक स्कॉर्पियो साइड से छू गई थी। जिस पर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा था। हाईवे पर दोनों वाहन खड़े होने से लंबा जाम लग गया था। मैंने चौकी पर चलकर मामले का निस्तारण करने को भी कहा, लेकिन विधायक पक्ष के लोग नहीं माने। विधायक के जानने वाले लोग वाहन को न हटा रहे थे न ही हटाने दे रहे थे। इस पर मैंने चाभी ले ली थी। बस इतनी सी बात हुई थी।
- जेपी यादव, चौकी प्रभारी, एलआरपी पुलिस चौकी
मेरे करीबी कार्यकर्ता के साथ एलआरपी चौकी पुलिस ने अभद्रता और मारपीट की। अपने कार्यकर्ता का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं कर सकता, इसलिए उसे तत्काल इंसाफ दिलाने के लिए धरने पर बैठा। चूंकि अधिकारी मौके पर नहीं आ रहे थे, इसलिए जाम लगवाना पड़ा। डीएम और एसपी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित और प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है, जिस पर धरना समाप्त कर दिया है।
- योगेश वर्मा, विधायक, सदर