बरेली। अमर ज्योति यूनिवर्सिटी लिमिटेड का निदेशक बताया जा रहा शशिकांत मौर्य व उसका भाई भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य घेराव के दौरान पूरे समय घर से नहीं निकले। दरवाजे पर सुरक्षा के लिहाज से तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि शशिकांत या सूर्यकांत घर में हैं ही नहीं, केवल परिवार की महिलाएं हैं। इधर, बाहर हंगामा कर रहे लोग लगातार यही कहते रहे कि धोखेबाज घर के अंदर ही छिपे हैं। वह लोग उन्हें पकड़कर उससे अपना हिसाब करेंगे।
शाम को सोशल मीडिया पर मेसेज डालकर शशिकांत ने सफाई दी। लिखा कि उसकी मंशा गलत नहीं है, लेकिन जब मामला कोर्ट में पहुंच गया है तो अब वह कोर्ट के आदेश पर ही कुछ करेगा। कटरा चांद खां मोहल्ले में स्थित निदेशक शशिकांत के घर का घेराव कर निवेशक शाम तक नारेबाजी करते रहे। पुलिसकर्मियों ने उनको फिजूल में हंगामा करने के बजाय बदायूं जाकर रिपोर्ट लिखवाने की सलाह दी।
दोपहर 12 बजे बदायूं निवासी करीब सौ लोग शशिकांत के घर पहुंचे। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई इस कंपनी में लगा दी। अब कंपनी के लोग काफी समय से भुगतान अटका रहे हैं। शशि ने बताया कि उनके दामाद के चार लाख से ज्यादा रुपये फंसे हैं। अमित व मंजू आदि ने बताया कि वे कंपनी में बतौर कर्मचारी व अभिकर्ता जुड़े रहे। उनके भरोसे पर लोगों ने निवेश किया था और लोग अब उनसे ही हिसाब मांग रहे हैं। ब्यूरो
भाजपा का रंग और पद पुतवाया
हंगामे के दौरान सूर्यकांत व शशिकांत ने पेंटर को भेजकर अपने घर के बाहर भाजपा के रंग में लिखा अपना नाम और पद पुतवा दिया। हालांकि, कई निवेशकों और अभिकर्ताओं ने ऐसा कराते हुए पेंटर का फोटो खींच लिया। बदायूं से आए पीड़ित अमित पाठक ने बताया कि शशिकांत ने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर प्रधानमंत्री के साथ फोटो लगा रखा है। सूर्यकांत मौर्य तो महानगर संगठन में मंत्री है। सूर्यकांत बरेली में इसी कंपनी का दफ्तर खोलकर लोगों को ठग रहा था। इन लोगों ने काफी समय से अपनी संपत्ति बेचनी शुरू कर दी थी। उन लोगों को 21 मई का समय दिया था, पर अभी तक किसी का हिसाब नहीं किया। आरोपियों के प्रभावशाली होने की वजह से उन लोगों को पुलिस-प्रशासन से न्याय की उम्मीद कम है। हालांकि, वह लोग एसएसपी व अन्य अधिकारियों से मिलकर इन पर रिपोर्ट लिखवाएंगे।
धोखाधड़ी मुख्य रूप से बदायूं में हुई है तो नियमानुसार रिपोर्ट भी वहीं दर्ज होगी। बदायूं पुलिस का पूरा सहयोग कर दोषियों की गिरफ्तारी कराएंगे। - धनंजय पांडेय, इंस्पेक्टर बारादरी