सहसवान व गुन्नौर के असरदार यादवों को सक्रिय किया गया है। परिवारवाद पर खुद अखिलेश यादव ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले कहते हैं कि सपा से सिर्फ परिवार के लोग लड़ रहे हैं। यदि भाजपा को बुरा लगता है तो वह संकल्प लें कि किसी परिवार वाले को नहीं लड़ाएंगे, किसी परिवारवाले से वोट नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि हम पीडीए परिवार से लड़ रहे हैं। हमारा परिवार संघर्ष करने वालों का परिवार है। वहीं मुस्लिम मतों के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री व बदायूं से पांच बार सांसद रहे सलीम इकबाल शेरवानी को लगाया है।
विधानसभावार 2019 में यह रही थी स्थिति
| विधानसभा |
भाजपा |
सपा |
कांग्रेस |
| गुन्नौर |
96531 |
106159 |
5099 |
| बिसौली |
111686 |
106485 |
6711 |
| सहसवान |
95093 |
109873 |
21198 |
| बिल्सी |
103191 |
79751 |
9190 |
| बदायूं |
103842 |
89691 |
9698 |
(बदायूं लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में गुन्नौर व सहसवान में सपा जीती थी। बिसौली, बिल्सी और बदायूं में भाजपा विजेता रही थी, इन्हीं परिणामों के आधार पर दोनों दल एक दूसरे के मतों में सेंधमारी के लिए जुटे हैं )
सपा ने दी बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे को धार
भाजपा के परंपरागत मतों में सेंधमारी के लिए सपा ने रोजगार और महंगाई के मुद्दों को धार दी है। सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को बदायूं में आयोजित चुनावी सभा में महंगाई और बेरोजगारी, पर्चे लीक होने और अग्निवीर की भर्ती से मात्र चार साल रोजगार पर सवाल उठाए। साथ ही वादा किया कि अगर सपा सत्ता में आई तो सेना से लेकर पुलिस तक पक्की नौकरी मिलेगी। साथ ही महंगाई पर अंकुश लगाने का वादा किया। सपा के क्षेत्रीय नेता भी इन्हीं मुद्दों पर मतदाताओं को जोड़ रहे हैं।