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लोकसभा चुनाव: सहसवान और गुन्नौर में सपा की किलाबंदी तोड़ने में जुटी भाजपा, अखिलेश ने खुद संभाला मोर्चा

Sat, 04 May 2024 10:19 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बदायूं लोकसभा सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। सपा के परंपरागत यादव मतों में सेंधमारी करने के लिए भाजपा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को चुनाव मैदान में उतारा। उन्होंने गुन्नौर में मुख्यमंत्री योगी के साथ जनसभा की।  
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सीएम योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं लोकसभा क्षेत्र में सहसवान और गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में यादव मुस्लिम गठजोड़ की बदौलत सपा मजबूत रही है। गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र के बबराला में शुक्रवार को सपा के परंपरागत यादव मतों में सेंधमारी करने के लिए भाजपा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर पहुंची। सभा में मोहन यादव के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे। दोनों नेताओं ने सपा पर सियासी वार किए। मोहन यादव ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर यादवों की अनदेखी और परिवार की राजनीति करने का आरोप लगाकर प्रहार किए।

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सहसवान और गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा हारी थी। अगर बिल्सी, बिसौली और सदर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा लीड हासिल नहीं करती तो मामूली अंतर से संघमित्रा मौर्य जीत नहीं पातीं। वह 18,454 मतों के अंतर से जीती थीं। भाजपा ने सबक लेकर यादव मतों में बंटवारे की मंशा से सपा से जुड़े कई पूर्व व वर्तमान ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों को भाजपा में शामिल किया है।

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यादव बहुल गुन्नौर क्षेत्र के बबराला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की चुनावी सभा ने यादव मतों को आकर्षित किया है। मोहन यादव ने सपा पर परिवारवाद का आरोप मढ़ा तो योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा को घेरा। भाजपा की सियासी चुनौती को देखते हुए परिवार की परंपरागत सीट पर सपा के महासचिव शिवपाल यादव और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुद मोर्चा संभाला है।

सहसवान व गुन्नौर के असरदार यादवों को सक्रिय किया गया है। परिवारवाद पर खुद अखिलेश यादव ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले कहते हैं कि सपा से सिर्फ परिवार के लोग लड़ रहे हैं। यदि भाजपा को बुरा लगता है तो वह संकल्प लें कि किसी परिवार वाले को नहीं लड़ाएंगे, किसी परिवारवाले से वोट नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि हम पीडीए परिवार से लड़ रहे हैं। हमारा परिवार संघर्ष करने वालों का परिवार है। वहीं मुस्लिम मतों के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री व बदायूं से पांच बार सांसद रहे सलीम इकबाल शेरवानी को लगाया है।

विधानसभावार 2019 में यह रही थी स्थिति
विधानसभा  भाजपा सपा कांग्रेस
गुन्नौर 96531 106159 5099
बिसौली 111686 106485 6711
सहसवान 95093 109873 21198
बिल्सी 103191 79751 9190
बदायूं 103842 89691 9698
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(बदायूं लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में गुन्नौर व सहसवान में सपा जीती थी। बिसौली, बिल्सी और बदायूं में भाजपा विजेता रही थी, इन्हीं परिणामों के आधार पर दोनों दल एक दूसरे के मतों में सेंधमारी के लिए जुटे हैं )

सपा ने दी बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे को धार
भाजपा के परंपरागत मतों में सेंधमारी के लिए सपा ने रोजगार और महंगाई के मुद्दों को धार दी है। सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को बदायूं में आयोजित चुनावी सभा में महंगाई और बेरोजगारी, पर्चे लीक होने और अग्निवीर की भर्ती से मात्र चार साल रोजगार पर सवाल उठाए। साथ ही वादा किया कि अगर सपा सत्ता में आई तो सेना से लेकर पुलिस तक पक्की नौकरी मिलेगी। साथ ही महंगाई पर अंकुश लगाने का वादा किया। सपा के क्षेत्रीय नेता भी इन्हीं मुद्दों पर मतदाताओं को जोड़ रहे हैं।
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