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पीलीभीत में बर्ड फ्लू का केस मिलने के बाद शासन ने बनाई निगरानी टीम

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बरेली। पीलीभीत के पूरनपुर में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद शासन ने मंडल स्तर पर बचाव और सघन निगरानी के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर दी है। पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. जीवन दत्ता की ओर से जारी आदेश में टीम में कौन से अधिकारी शामिल किए जाएंगे, इसका उल्लेख भी किया गया है।
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पीलीभीत के पूरनपुर से आए मुर्गिंयों के सैंपल इसी हफ्ते भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान परिषद (आईवीआरआई) की जांच में बर्ड फ्लू से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद से हड़कंप मचा हुआ है। शासन ने बर्ड फ्लू से बचाव और सघन निगरानी के लिए मंडल स्तर पर तीन सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें मंडलीय प्रयोगशाला श्यामगंज की अधीक्षक डॉ. आभा दत्त, पशु चिकित्साधिकारी बरेली कैंट के डॉ. नौशाद और पशु चिकित्साधिकारी श्यामगंज के डॉ. रामलखन को शामिल किया गया है। यह टीम कंटेन्मेंट जोन में केंद्र सरकार से जारी गाइड लाइन के अनुसार कुक्कुट फार्मों से नमूना लेना सुनिश्चित करेगी। अगर किसी फार्म पर पक्षियों की अस्वाभाविक मौत होती है तो उसका सैंपल आईवीआरआई लैब में भेजेगी। इसके अलावा यह टीम बर्ड फ्लू पर लगातार निगरानी भी रखेगी।
डॉ. केपी सिंह बने आईवीआरआई की बर्ड फ्लू लैब के इंचार्ज
बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में बर्ड फ्लू लैब के प्रभारी बदल गए हैं। संस्थान के पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. केपी सिंह को यह कार्यभार सौंपा गया है। उनके अलावा संस्थान के जैव उत्पादन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह को खुरपका मुंहपका रोग नियंत्रण परियोजना मुक्तेश्वर (उत्तराखंड) के परियोजना निदेशक बनाया गया है।
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आईवीआरआई में ज्वाइंट डायरेक्टर कैडरेड डॉ. वीके गुप्ता अब तक बर्ड फ्लू लैब के प्रभारी के तौर पर कार्य देख रहे थे लेकिन वह प्रोन्नत होकर नेशनल रिसर्च सेेंटर (एनआरसी) भुवनेश्वर के निदेशक के तौर पर स्थानांतरित हो गए हैं। चूंकि इस वक्त बर्ड फ्लू का प्रकोप बढ़ रहा है और आईवीआरआई में हर दिन विभिन्न जगहों से सैंपल भी आ रहे हैं। इसलिए आईवीआरआई प्रशासन ने लैब प्रभारी के तौर पर डॉ. केपी सिंह को कार्यभार सौंप दिया गया है। संस्थान के संयुक्त निदेशक शिक्षा प्रसार डॉ. महेश चंद्र ने बताया कि संस्थान के कई वैज्ञानिकों के प्रमोशन के बाद यह बदलाव किए गए हैं।
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