पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के मोबाइल से डिलीट हुआ डाटा भोपाल फोरेंसिक लैब में रिकवर कर लिया गया, जिसे सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
वहीं एसआईटी 22 अक्तूबर को इलाहाबाद में स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी। हालांकि एसआईटी छात्रा और चिन्मयानंद के बयानों व अन्य साक्ष्यों की रिपोर्ट 23 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल कर चुकी है।
चिन्मयानंद के मोबाइल पर 22 अगस्त को पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने का धमकी भरा व्हाट्एस मेसेज भेजा गया था। चिन्मयानंद ने यह मेसेज कॉलेज में विधिक कार्य देख रहे अधिवक्ता ओम सिंह के मोबाइल पर भेज दिया था।
एसआईटी ने जब चिन्मयानंद के मोबाइल को कब्जे में लिया तो उसमें फिरौती वाला मेसेज सहित अन्य कई मेसेज डिलीट थे। चूंकि चिन्मयानंद ने अधिवक्ता ओम सिंह के मोबाइल पर मेसेज भेजा था, इसलिए एसआईटी ने अधिवक्ता के मोबाइल को कब्जे मेें लेकर फोरेंसिक लैब भेजा था।
लखनऊ स्थित फोरेंसिक लैब में चिन्मयानंद के मोबाइल का डिलीट डाटा रिकवर नहीं हो पाया था। इसके बाद चिन्मयानंद का मोबाइल भोपाल फोरेंसिक लैब भेजा गया था। भोपाल लैब में चिन्मयानंद के मोबाइल से डिलीट डाटा रिकवर भी हो गया।
डाटा मिलने से यह बात पुष्ट हो गई कि चिन्मयानंद ने अपने अधिवक्ता ओम सिंह को उनके मोबाइल पर फिरौती वाला मेसेज एसपी से शिकायत करने के लिए फारवर्ड किया था।
आईजी नवीन अरोड़ा के नेतृत्व में एसआईटी ने जांच रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट में वायरल हुआ मालिश वाला वीडियो और चिन्मयानंद से फिरौती मांगने वाले वीडियो की फोरेंसिक रिपोर्ट और आरोपियों के मोबाइलों में मिले डाटा भी शामिल किया गया है।