मौलाना तौकीर ने कहा कि नागरिकता कानून और एनपीआर देश में जम्हूरियत खत्म करने की आरएसएस की साजिश है। मुसलमानों को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है। इससे पहले उन्हें आतंकवादी बताया जाता था लेकिन अब वह हुकूमत से पूछना चाहते हैं कि बम फोड़ने वाले अब कहां गए। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोग ही बम फोड़ते थे और मुसलमानों पर इल्जाम लगाते थे। नागरिकता कानून लागू होने के बाद उन्होंने इस गणतंत्र दिवस को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मुसलमानों से उसे पूरे जोशखरोश से मनाने को कहा और अपने घरों पर तिरंगा जरूर लगाने की अपील की।
जनसंख्या पर रोक लगाने का कोई प्रावधान शरीयत में नहीं है, दुनिया बहुत बड़ी है और असबाब अल्लाह तआला पैदा करता है। अल्लाह जिसको जितनी औलाद देता है, उतना रिजक भी देता है। शरीयत में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। हुकूमत तो दो-चार करोड़ लोगों को बाहर से लाने की बात कह रही है, फिर जनसंख्या नियंत्रण की बात तो बेमानी है। -मौलाना तसलीम रजा खां, नबीरे आला हजरत
जहां तक सरकार की पॉलिसी का मामला है, वह अपनी जगह है। फैसला क्या करना है, यह भी अपनी जगह है, लेकिन कोई मंसूबाबंदी का रास्ता बनता है तो इसके लिए बैठकर पुनर्विचार करना चाहिए और विकल्प निकल सकता है तो उस पर गौर करने की जरूरत है। हालांकि इस्लाम का नजरिया साफ है कि कुदरत के काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। - मौलाना इंतजार, राष्ट्रीय अध्यक्ष सुन्नी उलमा कौंसिल