सोमवार को पूर्ति विभाग और मंडी की टीम दोबारा करेगी जांच
बरेली। बभिया राशन प्रकरण में गायब चल रहा आरोपी आढ़ती आखिरकार एसडीएम के सामने पेश हो ही गया। उसने कबूल किया है कि उसके पास मंडी का लाइसेंस नहीं है, लेकिन उसने यह राशन कोटेदारों से नहीं बल्कि काश्तकारों से खरीदा है। हालांकि इस मामले में जांच के लिए सोमवार को पूर्ति विभाग और मंडी की टीम फिर मौके पर जाएगी। इस मामले में मंडी की तरफ से व्यापारी पर जुर्माना लगाने की तैयारी शुरू हो गई है।
एक मई को बभिया पुलिस ने क्यारा के एक आढ़ती का करीब 460 बोरी गेहूं और चावल पकड़ा था। पूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर ललित श्रीवास्तव ने जांच के बाद राशन कोटे का न होने की क्लीन चिट दे दी थी। एसडीएम (सदर) ईशान प्रताप सिंह ने जब मंडी प्रशासन से इसकी जांच कराई तो पता चला कि व्यापारी के पास मंडी का लाइसेंस नहीं है। हालांकि शनिवार शाम इस प्रकरण के बाद से गायब आढ़ती एसडीएम के सामने पेश हुआ। उसने यह स्वीकार भी किया कि उसके पास मंडी का लाइसेंस नहीं है, लेकिन पकड़ा गया गेहूं और चावल सरकारी नहीं है, बल्कि उसने किसानों से खरीदा है। एसडीएम ने व्यापारी का रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। पूर्ति विभाग और मंडी की टीम को सोमवार को फिर से क्यारा और बभिया जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। मंडी लाइसेंस और शुल्क दिए बगैर अनाज खरीदने पर अब आढ़ती पर जुर्माना डालने की तैयारी है।
राशन प्रकरण में आरोपी आढ़ती मेरे सामने पेश हुआ था। उसका रिकॉर्ड ले लिया है। मंडी की ओर से उस पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। राशन कहीं सरकारी तो नहीं है, इसकी फिर से जांच कराई जा रही है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम, सदर