बरेली। शादी के सपने, बेहतर भविष्य की उम्मीद या घरवालों से नाराजगी... वजहें अलग-अलग रहीं, लेकिन मंजिल एक ही निकली- नारी निकेतन और वन स्टॉप सेंटर। यहां पहुंचने वाली कई युवतियां टूटे रिश्तों और बिखरे भरोसे का दर्द भी अपने साथ लेकर आई हैं। किसी को प्रेमी ने धोखा दिया तो किसी को अपनों ने ही अपनाने से इन्कार कर दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कई युवतियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब उनका अपना कौन है?
असम से बुलाकर प्रेमी ने कर दिया सौदा
छह महीने पहले प्रेमी के बुलावे पर असम की युवती परिवार को छोड़कर बरेली आ गई। कुछ दिन बाद वही प्रेमी युवती का सौदा कर भाग गया। अब छह माह से युवती नारी निकेतन में रह रही है। न्यायालय के आदेश के बाद उसे नारी निकेतन से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन उसके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाहर निकलने के बाद उसका अपना कौन होगा और वह कहां जाएगी? उसे डर है कि कहीं हालात फिर उसे किसी आश्रय गृह की चौखट तक न ले आएं।
प्रेम में छोड़ दी नीट की तैयारी, आश्रय गृह में बीत रहे दिन
पीलीभीत की युवती नीट की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान उसकी दोस्ती बरेली के संपन्न राजनीतिक परिवार के युवक से हुई। उसने शादी का वादा कर युवती को अपने पास बुला लिया। कुछ दिन युवती के साथ रहने के बाद युवक ने परिवार की इज्जत का हवाला देकर शादी से मना कर दिया। युवती को डर था कि अगर उसके परिवार को पता चला तो उसकी जान भी जा सकती है। ऐसे में उसने वन स्टॉप सेंटर में शरण ली। घरवालों ने उसे अपनाने से इन्कार कर दिया है।
मां तो छोड़ आई, अब अधीक्षिका में तलाश रही ममता
लखनऊ की युवती के माता-पिता का तलाक हो चुका है। मां बरेली के एक सरकारी कार्यालय में कार्यरत हैं। वह बेटी को समय नहीं दे पाती थीं। इसी अकेलेपन में बेटी की मित्रता एक युवक से हो गई और एक दिन वह घर छोड़कर चली गई। मिली तो उसे नारी निकेतन भेजा गया। युवती बताती है कि मां सिर्फ एक या दो बार मिलने आईं। अब वह नारी निकेतन की अधीक्षिका में मां जैसा स्नेह महसूस करती है। युवती अब अपनी मां के पास लौटना भी नहीं चाहती।
पहले कोर्ट मैरिज, अब परिवार ने ठुकराया
दिल्ली की युवती और बरेली के युवक ने चुपके से कोर्ट मैरिज कर ली। दोनों मुस्लिम समुदाय के थे और साथ रहने लगे। कुछ दिन बाद युवती गर्भवती हो गई। उसका कहना है कि शुरुआत में युवक ने बच्चे को अपनाने का भरोसा दिया, लेकिन जानकारी होने पर दोनों परिवारों के लोग सामने आ गए। युवती का आरोप है कि युवक भी परिवार के दबाव में आकर पीछे हट गया। मामला वन स्टॉप सेंटर पहुंचा। अब दोनों परिवारों की काउंसलिंग कराई जा रही है।
वर्जन
आश्रय गृहों में आने वालीं प्रत्येक युवती की काउंसलिंग कराई जाती है। परिवार से संपर्क कर सुरक्षित पुनर्वास का प्रयास किया जाता है। न्यायालय के आदेश और युवती की सहमति के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाती है। - मोनिका राणा, जिला प्रोबेशन अधिकारी