बरेली। बिथरी चैनपुर के खंड शिक्षा अधिकारी को रिश्वतखोरी के मामले में विजिलेंस की टीम तलाश कर रही है। वह तीन दिन से फरार हैं। उनका चालक रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ था तो उसे जेल भेज दिया गया है। शनिवार को बीएसए ने चालक को निलंबित कर दिया लेकिन बीईओ पर कोई कार्यवाही नहीं की। इसी बीच बीईओ ने बीएसए से मेडिकल अवकाश स्वीकृत करने की मांग की है।
मूलत: पूरनपुर के रहने वाले बीईओ अवनीश प्रताप सिंह ने सैदपुर कुर्मियान विद्यालय के प्रधानाध्यापक इलियास से उनका रुका वेतन जारी करने के लिए पांच हजार रुपये मांगे थे। उनका अप्रैल से मई 2024 तक का वेतन रुका है। वह मोहनपुर के रहने वाले हैं। इलियास ने बीईओ को घूंस देने के बजाय इसकी शिकायत विजिलेंस से की। विजिलेंस टीम ने बीईओ को रंगे पकड़ने के लिए बृहस्पतिवार को बिथरी चैनपुर स्थिति कार्यालय पहुंची। वहां पर पैसे देने के लिए इलियास ने बीईओ को बाहर बुलाया। उस समय बीईओ बाहर नहीं आए और अपने चालक वीरपाल को भेज दिया। वीरपाल ने इलियास से पैसे लिए तो विजिलेंस की टीम ने उसे दबोच लिया। इसको लेकर शोर मचा तो कार्यालय में बैठे बीईओ पीछे के दरवाजे से फरार हो गए। तब से चालक और बीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश भी दी गई है। शुक्रवार को वीरपाल को जेल भेज दिया गया। उसके बाद शनिवार को बीएसए संजय सिंह ने चालक को निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि बीईओ ने मेडिकल अवकाश के लिए आवेदन किया है। उनके आवेदन की जांच की जा रही है। अगर उनकी गिरफ्तारी होती है तो निलंबन की कार्यवाही होगी। संवाद