दस्तावेजों में अलग-अलग जन्मतिथि संबंधी विसंगति
विभाग के अनुसार सेवा पुस्तिका, स्वास्थ्यता प्रमाणपत्र और शैक्षिक प्रमाणपत्रों में जन्मतिथि को लेकर गंभीर विसंगतियां हैं। स्वास्थ्यता प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 09 सितंबर 1958 बताई गई, जबकि बाद के वर्षों के वार्षिक चरित्र पंजीका में 05 जून 1968 दर्ज है। 1968 की जन्मतिथि के आधार पर 1979 में बेलदार के पद पर कार्यभार ग्रहण करते समय उम्र करीब 11 वर्ष बैठती है। इसी तरह 1971 में कक्षा छह से सात में प्रोन्नति संबंधी प्रमाणपत्र में पांच जून 1968 जन्मतिथि दर्ज है, जिससे उस समय उनकी उम्र महज करीब दो वर्ष होने का विरोधाभासी तथ्य सामने आता है।
'हिंदी कम जानता हूं सिर्फ हस्ताक्षर करता हूं.. 1968 जन्मतिथि सही'
नोटिस के जवाब में रतन कुमार ने जन्मतिथि पांच जून 1968 बताते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति 30 सितंबर 2018 को नहीं बनती। हिंदी भाषा काफी कम जानते हैं पर हिंदी में सिर्फ हस्ताक्षर करते हैं। वार्षिक चरित्र पंजिका में जन्मतिथि खुद नहीं, तत्कालीन लिपिक ने लिखी थी। उन्होंने सिर्फ हस्ताक्षर किए। दावा था कि पांच जून 1968 की जन्मतिथि अनुमानित दर्ज थी। विभाग से कारण बताओ नोटिस वापस लेने का अनुरोध किया था।