दीपावली से पहले देसी पौआ नौ रुपये सस्ता हो गया है। बताया जाता है कि चुनाव आयोग कभी भी आचार संहिता लागू कर सकता है, इससे पहले आबकारी ठेकेदारों ने देसी शराब के दाम गिरा दिए हैं। अंग्रेजी शराब पर पहले से ही 25 प्रतिशत दाम कम किए जा चुके हैं।
चुनाव आयोग ने नवंबर 2011 में विधानसभा चुनाव से पहले शराब दुकानों पर प्रतिदिन स्टॉक की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। साथ ही दुकानों पर बिक्री रजिस्टर और बल्क में शराब खरीदने वाले ग्राहकों के नाम-पता लिखना भी अनिवार्य कर दिया था। यही प्रक्रिया लोकसभा चुनाव में अपनाई गई। इससे शराब बिक्री प्रभावित हुई थी। बताया जाता है कि अगले दो माह में आचार संहिता लागू हो सकती है। इसलिए ठेकेदारों ने दीपावली से पहले ही शराब के दाम गिरा दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक दुकानदार अपना मासिक कोटा पूरा नहीं उठा पा रहे हैं। इसलिए दाम गिरने से शराब उठान ज्यादा होने की उम्मीद है। ठेकेदारों ने फिलहाल देसी पौआ नौ रुपये सस्ता कर साठ रुपये में बेचना शुरू किया है। यहां बता दें कि दिल्ली और हरियाणा से लगे मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद आदि जिलों में देसी पौआ 19 रुपये सस्ता कर 50 रुपये में बेचा जा रहा है।
देसी शराब अंग्रेजी नाम
आंकड़ों के मुताबिक अंग्रेजी नाम से बेचे जा रहे देसी पौआ की बिक्री पिछले वर्ष की अपेक्षा चार फीसदी बढ़ी है। अंग्रेजी शराब विभाग ने पहले से ही 25 फीसदी सस्ती कर रखी है, इसलिए इसमें 50 फीसदी तक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। बीयर की बिक्री में भी 15 फीसदी इजाफा दर्ज किया गया है।