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गोमांस तस्करों ने पुलिस टीम पर चलाई गोली, तीन पकड़े

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पीलीभीत। गोकशी की सूचना पर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर गोमांस तस्करों ने हमला कर दिया। तमंचे से पुलिस पर गोली चला दी। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने तीन तस्करों को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मौके से दो गोवंशीय पशु और औजार बरामद किए गए हैं।
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जहानाबाद थाने के दरोगा अमित शर्मा सोमवार रात कांस्टेबल धर्मेंद्र, मोहित और नीलेंद्र के साथ गश्त पर थे। देर रात एक बजे उन्हें सूचना मिली कि मीरापुर गांव में देवहा नदी किनारे पड़ी सूनसान जगह में कुछ तस्कर जमा हैं और गोवंशीय पशुओं की हत्या करने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी और फिर दबिश देने पहुंच गए। पुलिस के पहुंचते ही तस्करों में खलबली मच गई।
पुलिस टीम पर हमला करते हुए गोमांस तस्करों ने तमंचे से फायर कर दिया। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। फिर तस्कर भागने लगे। पीछा कर पुलिस ने कुछ ही दूरी से तीन तस्करों को धर दबोचा। पूछने पर उन्होंने अपना नाम जहानाबाद थाना क्षेत्र के सुंदरपुर गांव निवासी नजीम खां, शमशुल और निसरा गांव निवासी मुन्ना मियां बताया। मौके से दो गोवंशीय पशु, एक तमंचा, दो कारतूस, रस्सी समेत गोकशी में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार बरामद किए। गोवंशीय पशुओं को गोशाला भिजवा दिया गया है। तीनों तस्करों पर गोहत्या निवारण अधिनियम, जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर मंगलवार को चालान किया गया। कोर्ट से तीनों को जेल भेज दिया गया।
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जहानाबाद में बड़े स्तर पर गोकशी
का धंधा, सफेदपोशों का संरक्षण
- डेढ़ साल के भीतर विवाद में घिरे तो फजीहत के बाद हटाए गए थे दो थाना प्रभारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। वैसे तो जनपद में पूरनपुर, बरख्ेाड़ा, बिलसंडा, माधोटांडा समेत कई थाना क्षेत्रों में गोकशी का धंधा पनप रहा है। सख्ती के बाद घटनाएं तो कम हुईं, लेकिन पूरी तरह से बंद नहीं हो सकी हैं। मगर बात अगर जहानाबाद की करें तो यहां के कई गांव गोकशी के लिए अक्सर चर्चित रहते हैं।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के चक कटैइया, परेवा वैश्य, शाही समेत कई गांव गोकशी के धंधेबाजों का गढ़ माने जाते हैं। धंधेबाजों की पुलिस से साठगांठ और सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त होने की बात भी जगजाहिर है। पिछले कुछ समय में पुलिस की सख्ती हुई तो घटनाएं कम तो हुई, मगर पूरी तरह से गोकशी खत्म नहीं हो सकी है। डेढ़ साल के भीतर जहानाबाद में दो थाना प्रभारी गोकशी को लेकर आरोपों में घिरे और फिर फजीहत के बाद थाने से हटना पड़ा था। इसके अलावा गोपनीय तौर पर कराई गई जांच में कई पुलिसकर्मियों और सफेदपोशों की गोमांस तस्करों से करीबी होने का शक जताया गया था। इसके बाद कुछ सिपाहियों के तबादले भी किए गए थे। एक इंस्पेक्टर और जनप्रतिनिधि के पति के बीच हुई तकरार के वीडियो बीते साल सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इस विवाद के पीछे भी गोकशी के धंधे को ही अहम वजह बताया गया था।
सूचना पर दबिश दी गई तो पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया था। तीन गोमांस तस्करों को जेल भेजा गया है। गोकशी को लेकर समस्त सर्किल और थाना प्रभारियों को पूर्व में ही निर्देशित किया जा चुका है, सख्त कार्रवाई होगी।
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- जयप्रकाश, एसपी
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