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बीएड एडमिशन- मनचाहा कॉलेज भी नहीं मिला और रुपये भी फंसे

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बरेली। बीएड काउंसलिंग के दौरान कम कॉलेज चुनने वाले करीब 20 हजार अभ्यर्थियों के बतौर एडवांस लिए गए पांच हजार रुपये फंस गए हैं। रुपये वापसी के लिए अभ्यर्थी परेशान हैं और विश्वविद्यालय की हेल्पलाइन पर फोन कर रहे हैं लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो रही है।
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इस बार बीएड की राज्य स्तरीय प्रवेश प्रक्रिया की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई थी। इसके प्रवेश परीक्षा में पांच लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसके बाद करीब सवा दो लाख सीटों के लिए तीन चरणों में काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित की गई। काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को ज्यादा से ज्यादा कॉलेज भरने का मौका दिया गया था ताकि सभी को कोई न कोई कॉलेज आवंटित हो जाए। इसके बावजूद करीब 20 हजार अभ्यर्थियों ने एडमिशन के लिए विकल्प के तौर पर गिने-चुने कॉलेजों के नाम ही भरे। ऐसे में इन अभ्यर्थियों को कोई कॉलेज आवंटित नहीं हुआ। हालांकि दोबारा आवेदन करने के बाद उन्हें कॉलेज तो मिल गया लेकिन पहली बार फॉर्म भरने के दौरान जमा किए गए पांच हजार रुपये अब तक वापस नहीं मिले हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया बंद हुए दो सप्ताह से ज्यादा समय बीत गया है। ऐसे में अभ्यर्थी इन पांच हजार रुपयों की वापसी को लेकर परेशान हैं। तमाम छात्र-छात्राआें की शिकायत है कि वे लोग विश्वविद्यालय की हेल्पलाइन पर कॉल कर रहे हैं लेकिन कोई रिसीव ही नहीं कर रहा है।

काउंसलिंग के दौरान जिन अभ्यर्थियों की एडवांस फीस जमा है, वे परेशान न हों। कुछ अभ्यर्थियों के आईएफएससी कोड गलत हैं तो किसी के बैंक अकाउंट नंबर गलत हैं। अभी डाटा मिलान किया जा रहा है, इसमें 15-20 दिन का समय लगेगा। इसके बाद अभ्यर्थियों की फीस के पांच हजार रुपये वापस कर दिए जाएंगे।
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- प्रो. बीआर कुकरेती, राज्य समन्वयक, बीएड प्रवेश परीक्षा
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