बरेली। बीएड में गरीब सवर्णों को आरक्षण देने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। व्हाट्सएप पर शासन का एक आदेश वायरल हो रहा है, लेकिन रुहेलखंड विश्वविद्यालय अधिकृत आदेश का इंतजार कर रहा है। अगर यह आदेश लागू हुआ तो गरीब सवर्णों के लिए बीएड में करीब बीस हजार सीटें बढ़ जाएंगी।
इस बार बीएड की राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई थी। जिसमें पांच लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए। करीब सवा दो लाख सीटों में अब तक एक लाख 95 हजार के आसपास सीटें भरी जा चुकी हैं। बीएड में गरीब सवर्णों को आरक्षण देने की प्रक्रिया के दौरान शासन से स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, जिसके चलते बीएड कॉलेजों में न तो सीटें बढ़ीं और न ही इसे लागू किया गया। अब फिर से बीएड में भी सवर्ण आरक्षण लागू होने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। व्हाट्सएप पर वायरल एक आदेश में शासन द्वारा इसे लागू करने की बात कही जा रही है। मगर एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन) से अब तक कोई आदेश न होने के चलते अनिश्चय की स्थिति भी है। बीएड प्रवेश परीक्षा के राज्य समन्वयक प्रो. बीआर कुकरेती ने बताया कि अगर सवर्ण आरक्षण लागू हुआ तो करीब 20 हजार सीटें बढ़ जाएंगी।
‘व्हाट्सएप पर शासन का एक आदेश वायरल हो रहा है, लेकिन अभी कोई अधिकृत आदेश नहीं आया है। अगर आदेश आएगा तो हमें इसे लागू करने में कोई आपत्ति नहीं, हम तैयार हैं।’
- प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति