प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फतेहगंज पश्चिमी में दो माह पहले हुई किसान कल्याण रैली में तीन हैलीपैड बनाने का किराया पीडब्ल्यूडी को नहीं मिला। तीन हैलीपैड बनाने की लागत 6.72 लाख से ज्यादा आई थी। हैलीपैड की 65 हजार ईंटें बेचने के मामले में पीडब्ल्यूडी ने संबंधित ठेकेदार से 98 हजार की रकम उसके बिल में से काटकर किसी तरह मामला निपटाया।
प्रधानमंत्री की रैली के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से एएम बिल्डर फर्म के ठेकेदार ने तीन हैलीपैड बनाए थे। इसके अलावा पीएम के जाने वाले रास्ते की बैरीकेडिंग कराई गई थी। स्टेज भी बना था। स्विस काटेज किराये पर मंगवाकर लगवाये गये। पीडब्ल्यूडी ने हैलीपैड बनाने के लिए 65 हजार की ईंटें 58 सौ रुपये प्रति हजार की दर से खरीदी थीं। रैली के बाद हैलीपैड में लगी ईंटें बेच दी गईं। पीडब्ल्यूडी ने हैलीपैड बनाने में 6 लाख 72 हजार 409 रुपये खर्च किए। इस खर्च को पीडब्ल्यूडी ने मिसलेनियस में डाला है क्योंकि ये पैसा किसी मद में विभाग को मिला नहीं। बाद में ईंटें बेचने के मामले में ठेकेदार एएम बिल्डर से 98 हजार रुपये की कटौती कर किसी तरह मामला निपटाया। जब किसी मद में पैसा नहीं आया तो वीवीआईपी रैली के हैलीपैड बनाने का खर्च कहां से निकाला गया। इस पर सवाल उठ रहे हैं।
‘हैलीपैड की ईंटें बेचने से पहले ठेकेदार के बिल में से 98 हजार रुपये काट लिए गए थे। हैलीपैड बनाने का खर्च 6.72 लाख रुपये आया था। इसको अभी एसएसपी के नाम मिसलेनियस में डाला गया है। खर्च का बजट लेने के लिए इलाहाबाद पुलिस मुख्यालय को चिट्ठी भेजी जाएगी।’ संजीव भारद्वाज, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी