त्योहारों पर भरे गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच में 60 फीसदी मिले थे घटिया
बरेली। तमाम कार्रवाई और हिदायत के बावजूद त्योहारी सीजन में मिलावटखोर सक्रिय हैं। इसकी पुष्टि पिछले त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों के भरे गए नमूनों की जांच रिपोर्ट कर रही है। इसके मुताबिक, करीब 40 फीसदी नमूने अधोमानक, पांच-पांच फीसदी असुरक्षित, मिस ब्रांड मिले थे।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष त्योहारी सीजन में करीब छह सौ खाद्य पदार्थों के नमूने भरे गए थे। इसमें दूध, दूध से निर्मित उत्पाद, नमकीन, खाद्य तेल, कचरी-पापड़, पिसे मसाले, पैक्ड पानी और फूड भी शामिल रहे।
जांच में दुग्ध उत्पाद, मसालों में मिलावट की पुष्टि हुई थी। पानी में भी हानिकारक तत्व मिले थे। बिरयानी में रसायनिक रंगों की मिलावट की पुष्टि के बाद संबंधित न्यायालयाें में वाद दायर किए गए हैं। इनमें से कुछ मामलों के फैसले हो गए हैं। मिलावटखोरों पर नियमानुसार जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया है।
बताया कि इस वर्ष भी दिवाली पर पंच दीपोत्सव पर्व की शुरुआत से पूर्व करीब दो सौ खाद्य पदार्थों के नमूने शहर और देहात से लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए झांसी स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच में मिलावट की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी।
संभलकर खाएं मिठाई और पकवान
वरिष्ठ डायटीशियन डॉ. मीना शर्मा के मुताबिक दिवाली पर मिठाई का सेवन ज्यादा होता है। बच्चे, बुजुर्ग, युवा मुंह मीठा जरूर करें पर पेट न भरें। क्योंकि मिठाइयों के अधिक सेवन से डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त की आशंका रहती है। बाहर खुले में रखे खाद्य पदार्थ के बजाय घर का बना ताजा भोजन ही खाएं। तली और भुनी हुई चीजें कम प्रयोग करें। कहा कि अगर पेट में भारीपन या सीने में जलन हो, ज्यादा डकार आए, बेचैनी हो तो विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाने में देर न करें। भोजन में फल, सब्जियों का सेवन ज्यादा करें। भोजन के बाद जरूर टहलें। नींबू पानी पीयें। ब्यूरो