बरेली। शहर के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए बीडीए जोनल प्लान तैयार करेगा। पहले चरण में करीब 10 लाख की आबादी के लिए माइक्रोप्लान तैयार होने हैं। पहले चरण में पीलीभीत रोड, डोहरा रोड, लखनऊ रोड और बदायूं रोड के बीच के इलाकों को लिया जाएगा। उसमें स्कूल-कालेज, ग्रीनबेल्ट, अस्पताल समेत सुविधाओं के लिए भू-उपयोग तय होगा। जोनल प्लान बनने के बाद बीडीए महायोजना में तय जोनल रोड भी बनाएगा। इससे जिन इलाकों में अभी मानचित्र स्वीकृत करने में दिक्कत आती है। वहां अनियोजित विकास को नियंत्रित किया जा सकेगा।
शुक्रवार को बीडीए बोर्ड की बैठक में महायोजना-2031 का जोनल प्लान रखा जाएगा। इसकी अनुमति मिलने के बाद जोनल प्लान बनाए जाने पर काम शुरू होगा। उसके लिए एजेंसी का चयन होगा। इसके लिए प्रस्तावित जोन-2 में शामिल पीलीभीत रोड, डोहरा रोड और लखनऊ रोड के बीच के इलाके शामिल हैं। जोन-6 में लखनऊ रोड और बदायूं रोड के इलाके हैं। इन सभी रोड किनारे पर वर्तमान में विकास तेजी से हो रहा है और आबादी बस रही है। इसलिए वहां लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए जोनल रोड, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सामुदायिक सुविधाएं जैसे स्कूल-कालेज, अस्पताल आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि महायोजना में वृहद स्तर पर भू-उपयोग तय होने हैं। इससे शहर के विकास की दिशा तय हो जाएगी। जमीनी स्तर पर काम करने और बेहतर शहरी विकास के लिए जरूरी है कि जोनल प्लान तैयार हो। अभी तक बरेली के लिए जोनल प्लान तैयार नहीं किए गए हैं। हमारी यह भी कोशिश है कि जोनल प्लान तैयार करने के लिए महायोजना में प्रस्तावित सड़कों को भी बनाया जाए। जोन-2 और जोन-6 से इसकी शुरुआत कर रहे हैं। जल्द ही बाकी चार जोन का भी माइक्रोप्लान तैयार कर लागू कराया जाएगा।
जोनल प्लान से क्या होगा फायदा?
जोनल प्लान से शहर की जरूरतों और जनसंख्या घनत्व का आकलन कर वहां की मूलभूत सुविधाओं के लिए योजना बनाने और उनके विकास में मदद मिलती है। जोनल प्लान से नजदीक में ही सुविधाओं के लिए भू-उपयोग भी तय कर लिया जाता है। इससे भविष्य में अनियोजित विकास पर भी रोक लगती है। नियोजित विकास और इसके लिए मानचित्र स्वीकृत होना भी सुगम होता है। ब्यूरो