बरेली। बीडीए शहर को आठ मंजिला समृद्ध पुस्तकालय की सौगात देगा। इस पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें एक लाख से अधिक पुस्तकें होंगी। मेडिकल, इंजीनियरिंग प्रवेश सहित सिविल सेवाओं व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को उपयोगी किताबें और शोधपत्र भी मिलेंगे। महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों की रुचि के मुताबिक किताबें भी पुस्तकालय में मौजूद रहेंगी।
लाइब्रेरी कैसी बनाई जाए? क्या-क्या सहूलियतें हों? इसका आकलन शुरू हो गया है। विभिन्न राज्यों में संचालित पुस्तकालयों के मॉडल भी देखे गए हैं। प्रत्येक बिंदु का ख्याल रखते हुए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा रही है। परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए रामगंगानगर में जमीन चिह्नित की जा रही है। नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति को बीडीए की इस परिकल्पना से अवगत कराया गया है। कुलपति ने फोन कॉल पर बताया कि वह लाइब्रेरी को उपयोगी बनाने के लिए विशेषज्ञों व शिक्षाविदों की राय उपलब्ध कराएंगे। हर संभव सहयोग देंगे।
कोट
मैंने खुद चेन्नई की एक लाइब्रेरी में बैठकर अपनी तैयारी की है। शहर के युवाओं, महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को उनकी उपयोगिता के अनुसार किताबें उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है। शहर को समृद्ध लाइब्रेरी की सौगात देना बीडीए की प्राथमिकता है। मनिकंडन ए, उपाध्यक्ष, बीडीए