बरेली। अहरौली गांव (रामगंगा नगर आवासीय योजना) में बीडीए की जमीन पर कब्जा कर बनाई गईं 15 दुकानें गिराई जाएंगी। हाईकोर्ट से कब्जेदार की याचिका खारिज होने के बाद बीडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का फैसला लिया है। बीडीए ने कब्जेदार को दुकानें खाली करने के लिए तीन दिन का समय दिया है।
बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि अहरौली गांव में बीडीए की जमीन पर कब्जा कर रामचंद्र नाम व कुछ अन्य ने 15 दुकानें बना ली हैं। बीडीए की ओर से पहले कई बार इन लोगों नोटिस जारी किए गए मगर उसने कब्जा खाली नहीं किया। कब्जेदार रामचंद्र बीडीए के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट चला गया। बीडीए ने भी अपना पक्ष रखा। इस पर हाईकोर्ट ने कब्जेदार की याचिका खारिज कर दी। बीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि रामगंगा नगर आवासीय योजना के तहत अहरौली गांव में प्राधिकरण की अधिगृहीत की गई 0.2650 हेक्टेयर जमीन पर लंबे समय से कब्जा था।
याचिका पर अदालत से फैसला आने के बाद प्राधिकरण की ओर से कब्जेदार को जमीन खाली करने के लिए फिर नोटिस दिया गया है। तीन दिन में कब्जा हटाने को कहा गया है। इस दौरान कब्जा नहीं हटाया गया तो उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा। बीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि याचिका रामचंद्र नाम के व्यक्ति की ओर से दायर की गई थी, लेकिन उस जमीन पर कब्जा करीब सात से आठ और लोगों ने भी कर रखा है। इसी सप्ताह कब्जा खाली कराकर जमीन को कब्जे में लिया जाएगा।