बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग मामलों में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्थापन प्राधिकरण में शपथपत्र दिया है। तीनों शपथपत्र में कहा है कि इन वादों में प्राधिकरण की एक बड़ी धनराशि निहित है, जिसका भुगतान करने पर प्राधिकरण दिवालिया हो जाएगा।
बीडीए के वरिष्ठ विधि प्रभारी दीपक कुमार की ओर से भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्थापन प्राधिकरण, बरेली में तीन शपथपत्र दिए गए हैं। तीनों शपथपत्र में यह भी बताया गया है कि अंबा प्रसाद और ओमप्रकाश मौर्य के प्रकरण में प्राधिकरण द्वारा उसका खाता कुर्क किया गया है। प्राधिकरण के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है।
रामगंगानगर आवासीय योजना में उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्थापन प्राधिकरण, बरेली की शरण ले रखी है। मुआवजे की धनराशि निर्णीत हो चुकी है और प्राधिकरण ने कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा है कि यदि वह ब्याज सहित मुआवजा अदा करेगा तो दिवालिया हो जाएगा।
बीडीए ने दाखिल किए तीन शपथपत्र
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शपथ पत्र में क्या कहा
बीडीए के संयुक्त सचिव/ वरिष्ठ विधि प्रभारी दीपक कुमार ने तीन मुकदमों में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्थापन प्राधिकरण में तीन शपथ पत्र दाखिल किए हैं। अपने तीनों शपथ पत्र में उन्होंने कहा है कि रामगंगानगर आवासीय योजना के लिए अधिग्रहीत की गई 259 हेक्टेयर जमीन के संबंध में आपके न्यायालय में 23 मुकदमे चल रहे हैं।
प्रकरण के बारे में शासन को बताया गया था कि इन वादों में प्राधिकरण की एक बड़ी धनराशि निहित है। उसका भुगतान करने पर प्राधिकरण दिवालिया हो जाएगा। तीनों मुकदमे मोहम्मद एहसानुल्लाह बनाम बीडीए, मो. मोहसिन उल्ला खां बनाम बीडीए और पार्वती आदि बनाम बीडीए हैं।
उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ छह मामलों में शासन ने की अपील
बीडीए के वरिष्ठ विधि प्रभारी ने अपने शपथपत्र में यह भी कहा है कि शासन की ओर से उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ छह प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की गई है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने जिन आठ प्रकरण में 50 प्रतिशत धनराशि जमा करने (30 प्रतिशत धनराशि निकाल कर वितरित करने और 20 प्रतिशत धनराशि की एफडी करने) का निर्देश दिया है, उनमें शासन की ओर रिव्यू दाखिल किया गया है।