छुट्टियां खत्म होते ही बीडीए ने अवैध बारातघरों को सील करने का अभियान शुरू कर दिया है। पहले दिन चार अवैध बारातघर सील किए गए। एक बारातघर मालिक ने बीडीए दफ्तर पहुंचकर दो लाख का चेक जमा करा दिया। लिहाजा उनका बारातघर सील होने से बच गया। अब तक बीडीए 83 बारातघर मालिकों से लगभग दो करोड़ का जुर्माना जमा करा चुका है।
एसीएम विशु राजा और बारादरी पुलिस के साथ बीडीए की टीम ने सतीपुर रोड स्थित उरुस बारातघर चेक किया। बारातघर का मानचित्र न मिलने पर उसे सील कर दिया गया। इसके बाद बीडीए की टीम ने संजयनगर स्थित मंगलम बैंक्वेट हाल को भी अनधिकृत पाए जाने पर सील कर दिया। बीसलपुर रोड स्थित ग्रीन लैंड मल्टीपरज और जगतपुर का खुशी बैंक्वेट हाल भी मानचित्र न होने पर सील किया गया। एक्सईएन अनिल कुमार ने बारातघर मालिकों को हिदायत दी कि बीडीए से निर्धारित जुर्माना चुकाकर कंपाउंडिंग न होने तक बारातघरों की सील न खोली जाए। अगर किसी ने सील तोड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बीडीए की टीम बीसलपुर रोड स्थित गुप्ता बैंक्वेट हाल सील करने पहुंची तो बारातघर मालिक ने बीडीए दफ्तर पहुंचकर दो लाख रुपये का चेक जमा कराकर कंपाउंडिंग प्रक्रिया शुरू करा दी। लिहाजा बीडीए टीम ने इस बारातघर को सील नहीं किया। अब तक बीडीए से 136 बारातघरों को नोटिस जारी हो चुके हैं। इनमें से 83 बारातघरों ने मानचित्र स्वीकृत न होने पर दो करोड़ का जुर्माना चुकाया है। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि अवैध बारातघरों के खिलाफ बीडीए का सीलिंग अभियान जारी रहेगा। मानचित्र स्वीकृत न कराने वाले बारातघर मालिक बीडीए से निर्धारित दो से आठ लाख तक का जुर्माना अदा कर कंपाउंडिंग नहीं कराते हैं, तो अगले चरण में इन बारातघरों को ध्वस्त किया जाएगा।