इजराय वाद बढ़ा रहे परेशानी, तीन बार कुर्क हुआ खाता
शपथपत्र में पंजाब नेशनल बैंक की राजेंद्रनगर शाखा में बीडीए के बचत खाते के तीन बार कुर्क होने का भी जिक्र है। पार्वती, फैजउल्ला खान और जाकिरा खान के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 50 प्रतिशत मुआवजा राशि (88.23 करोड़) अदा करने का आदेश पारित किया था। इसका अनुपालन नहीं करने पर लारा कोर्ट ने पहली बार 16 अक्टूबर 2024 को बीडीए का खाता कुर्क किया था। ओम प्रकाश मौर्य को 6.57 करोड़ रुपये अदा नहीं करने पर दूसरी बार 21 अगस्त को और अंबा प्रसाद के पक्ष में 63.85 लाख रुपये अदा नहीं करने पर तीसरी बार 25 अगस्त को लारा कोर्ट ने बीडीए के इसी बचत खाते को कुर्क कर रखा है। इनके अलावा भी देनदारी चुकता नहीं करने पर लारा कोर्ट में इजराय वाद की सुनवाई चल रही है। दाखिल किए गए शपथपत्र से बीडीए की परेशानी स्पष्ट हो रही है।
महंगी जमीन बेचकर अरबों कमाए, किसानों को दिखा रहे ठेंगा
खबर है कि लारा कोर्ट में वरिष्ठ विधि प्रभारी की ओर से दाखिल किए गए शपथपत्र का किसानों ने विरोध किया है। किसानों ने पीठासीन अधिकारी से कहा कि मुआवजा भुगतान करने पर बीडीए के दिवालिया होने की बात सरासर झूठ है। बीडीए ने 165.51 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से उनकी जमीन लेकर उसे डेढ़ लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बेचकर अरबों रुपये कमाए हैं।
बीडीए के वरिष्ठ विधि प्रभारी ( संयुक्त सचिव) दीपक कुमार ने बताया कि लारा कोर्ट में पारित आदेशों के विरुद्ध हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जो वाद बीडीए ने दाखिल किए हैं, उन पर अभी अंतिम निर्णण आना बाकी है। फौरी तौर पर सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे का 50 प्रतिशत जमा करने के आदेश दिए हैं। इसके विरुद्ध बीडीए ने शीर्ष न्यायालय में आठ वादों में एसएलपी दायर की है। इसमें बीडीए के पक्ष में निर्णय आ गया है। रही बात ब्याज समेत मुआवजा अदा करने में बीडीए के दिवालिया होने का तो ऐसा नहीं है। यदि यह धनराशि अदा ही करनी पड़ेगी तो गाजियाबाद के फार्मूले पर विचार किया जा सकता है। वहां प्लॉट आंवटियों से अतिरिक्त धनराशि जमा कराई गई है।