फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: कोर्ट में बीडीए की गुहार... ब्याज समेत मुआवजा दिया तो दिवालिया हो जाएगा प्राधिकरण

Tue, 07 Oct 2025 05:12 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

कोर्ट ने किसानों को ब्याज सहित मुआवजा देने का आदेश बीडीए को दिया है। बीडीए इस आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं है। प्राधिकरण ने कोर्ट में शपथपत्र देकर कहा है कि यदि वह ब्याज समेत मुआवजा अदा करेगा तो दिवालिया हो जाएगा।
विज्ञापन
बीडीए दफ्तर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शासन के सामने बेहतर छवि प्रस्तुत करने के चक्कर में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने रामगंगानगर आवासीय योजना के लिए जमीन का अधिग्रहण कर सैकड़ों किसानों को भूमिहीन कर दिया। उचित मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने किसानों को ब्याज सहित मुआवजा देने का आदेश बीडीए को दिया है। बीडीए इस आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं है। प्राधिकरण ने कोर्ट में शपथपत्र देकर कहा है कि यदि वह ब्याज समेत मुआवजा अदा करेगा तो दिवालिया हो जाएगा।

विज्ञापन


भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यस्थापन प्राधिकरण (लारा) में बीडीए के वरिष्ठ विधि प्रभारी (संयुक्त सचिव) दीपक कुमार ने 26 सितंबर को शपथपत्र दिया है। इसमें उन्होंने रामगंगानगर के लिए ली गई 259 हेक्टेयर भूमि के संबंध में उन 23 मामलों का जिक्र किया है जो इजराय वाद से जुडे हैं। इन मामलों में हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट ने ब्याज सहित मुआवजा राशि के 50 प्रतिशत का भुगतान करने का आदेश दे रखा है। इस आदेश का अनुपालन कराने के लिए संबंधित किसानों ने लारा कोर्ट में वाद दाखिल किए हैं।

शपथ पत्र में ये भी कहा गया है कि इजराय वादों में निहित धनराशि का भुगतान करने पर प्राधिकरण दिवालिया हो जाएगा। शासन ने इसका संज्ञान लिया है। जिन मामलों में हाईकोर्ट से 50 फीसदी धनराशि जमा करने (30 प्रतिशत धनराशि आहरित कर बांटने और 20 प्रतिशत धनराशि की एफडी कराने) के आदेश हैं, उनमें शासन की ओर से विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल करने की अनुमति दी गई है। ऐसे छह मामलों में हाईकोर्ट से पारित आदेश के विरुद्ध शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई है।

विज्ञापन

इजराय वाद बढ़ा रहे परेशानी, तीन बार कुर्क हुआ खाता
शपथपत्र में पंजाब नेशनल बैंक की राजेंद्रनगर शाखा में बीडीए के बचत खाते के तीन बार कुर्क होने का भी जिक्र है। पार्वती, फैजउल्ला खान और जाकिरा खान के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 50 प्रतिशत मुआवजा राशि (88.23 करोड़) अदा करने का आदेश पारित किया था। इसका अनुपालन नहीं करने पर लारा कोर्ट ने पहली बार 16 अक्टूबर 2024 को बीडीए का खाता कुर्क किया था। ओम प्रकाश मौर्य को 6.57 करोड़ रुपये अदा नहीं करने पर दूसरी बार 21 अगस्त को और अंबा प्रसाद के पक्ष में 63.85 लाख रुपये अदा नहीं करने पर तीसरी बार 25 अगस्त को लारा कोर्ट ने बीडीए के इसी बचत खाते को कुर्क कर रखा है। इनके अलावा भी देनदारी चुकता नहीं करने पर लारा कोर्ट में इजराय वाद की सुनवाई चल रही है। दाखिल किए गए शपथपत्र से बीडीए की परेशानी स्पष्ट हो रही है।

महंगी जमीन बेचकर अरबों कमाए, किसानों को दिखा रहे ठेंगा
खबर है कि लारा कोर्ट में वरिष्ठ विधि प्रभारी की ओर से दाखिल किए गए शपथपत्र का किसानों ने विरोध किया है। किसानों ने पीठासीन अधिकारी से कहा कि मुआवजा भुगतान करने पर बीडीए के दिवालिया होने की बात सरासर झूठ है। बीडीए ने 165.51 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से उनकी जमीन लेकर उसे डेढ़ लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बेचकर अरबों रुपये कमाए हैं।
विज्ञापन

बीडीए के वरिष्ठ विधि प्रभारी ( संयुक्त सचिव) दीपक कुमार ने बताया कि लारा कोर्ट में पारित आदेशों के विरुद्ध हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जो वाद बीडीए ने दाखिल किए हैं, उन पर अभी अंतिम निर्णण आना बाकी है। फौरी तौर पर सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे का 50 प्रतिशत जमा करने के आदेश दिए हैं। इसके विरुद्ध बीडीए ने शीर्ष न्यायालय में आठ वादों में एसएलपी दायर की है। इसमें बीडीए के पक्ष में निर्णय आ गया है। रही बात ब्याज समेत मुआवजा अदा करने में बीडीए के दिवालिया होने का तो ऐसा नहीं है। यदि यह धनराशि अदा ही करनी पड़ेगी तो गाजियाबाद के फार्मूले पर विचार किया जा सकता है। वहां प्लॉट आंवटियों से अतिरिक्त धनराशि जमा कराई गई है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें