अगर आप किसी से प्लाट खरीदकर उस पर मकान बनाते हैं तो उसका नक्शा स्वीकृत कराने में बीडीए के चक्कर लगाते हुए चप्पलें घिस जाएंगी। अगर कोई स्वीकृत नक्शे से एक या दो इंच बाहर की तरफ अपना मकान बनाने लगे तो बीडीए के जेई और एई तुरंत पहुंचकर उसे घेरने लगते हैं। जब तक अपना मेहनताना नहीं ले लेते, तब मकान मालिका का पीछा नहीं छूटता। पिछले दो दशक में बिल्डरों ने शहर में 198 अवैध कालोनियां बसा दीं। बीडीए को किसी कालोनी के बसने का पता तक नहीं चला। ये बात किसी भी शहरवासी को हजम नहीं हो रही।
पिछले दो दशक से ज्यादा समय से बीडीए और बिल्डरों के गठजोड़ से शहर में अवैध कालोनियां बसाने का गोरखधंधा चल रहा है। बिल्डर बीडीए अफसरों के संरक्षण में बिना नक्शा स्वीकृत कराए या स्वीकृत नक्शों में फेरबदल कर अवैध तरीके से प्लाटिंग कर उनमें कालोनियां बनाते रहे। देखते ही देखते ही शहर में 198 अवैध कालोनियां बस गई। इन कालोनियों ने शहर का हुलिया बिगाड़कर रख दिया है। बरेली महायोजना 2021 को कारगर तरीके से लागू न करना भी बीडीए (बिल्डरों की मदद कर अवैध कमाई करने) की रणनीति का अहम हिस्सा रहा। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कभी-कभार दिखावे के लिए अवैध कालोनियों के ध्वस्तीकरण का अभियान भी चलाया जाता है। बीडीए की जेसीबी अवैध कालोनियों में बनी सड़क या बिल्डिंग का कुछ हिस्सा ध्वस्त करने की खानापूरी कर चली आती है। बाद में कंपाडिंग की आड़ में बिल्डर को पूरी कालोनी अवैध तरीके से बसाने की छूट दे दी जाती है।
ये है अवैध कालोनियों की सूची
कूर्मांचल नगर, आनंद विहार, नवादा शेखान, मां वैष्णोपुरम, सतीपुर रोड नई आबादी, आजाद नगर, एमईएस सोसायटी, सनराइज एन्क्लेव, पवन विहार, खुशबू इन्क्लेव, गणेशपुरम, फाईक इन्क्लेव, संसाद इन्क्लेव, पंचशील कालोनी, पुष्पांजलि, चेतना इन्क्लेव, पशुपति विहार, नूर नगर, अशोक नगर, तुलसीनगर विस्तार, आशुतोष सिटी, अवध विहार, सिद्दीकी कुंज, कैलाशपुरम, अष्टभुजी, पांचाल नगरी, सैनिक कालोनी, परवाना नगर, एफसीआई कालोनी, मुशी नगर, गगन विहार, अशोक विहार, दुर्गा नगर, लक्ष्मी नगर, बन्नूवाल नगर, संजय नगर, गोपाल नगर, आशापुरम, चंद्रमणि विहार, सूर्य नगर, रामायण इन्क्लेव, श्री राम विहार, शिव विहार, कृपाल नगर, रेवती रमण गोकुल धाम, द्वारिकापुरम, लक्ष्मीपुर, चकमहमूद, एजाज नगर, सरस्वती विहार, वैभव नगर, बजरंग इन्क्लेव, बालाजीपुरम, आशुतोष नगर, कुसुम सहकारी आवास समिति, सुरेश शर्मा नगर समेत दो सौ कालोनियां।