बरेली। अयोध्या की तर्ज पर बरेली को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के शासन ने निर्देश दिए हैं। इसे लेकर बरेली विकास प्राधिकरण विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के साथ एक बैठक भी कर चुका है। दूसरी बैठक जल्द ही मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होगी। इसी दौरान बीडीए के विशेषज्ञ बरेली के विकास की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से पहले अयोध्या जाकर वहां के विकास मॉडल की बारीकियां समझेंगे।
बरेली विकास प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी अब अयोध्या के डेवलेपमेंट प्लान को समझेंगे। इसके लिए अधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल अयोध्या जाएगा और वहां सिटी डेवलपमेंट प्लान के तहत हुए कामों को देखेगा। वहां के हिसाब से बरेली को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए क्या-क्या उपयोगी और जरूरी हो सकता है, इसे ध्यान में रखकर डीपीआर तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा। डीपीआर 31 मई, 2021 तक तैयार करनी है। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के नजरिए से विकास की इस योजना पर काम किया जाएगा। इसके लिए बैठक करके शहर के व्यापारिक संगठनों से सुझाव भी लिए जा चुके हैं। बीडीए वीसी ने बताया कि सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार करते समय यह देखा जाएगा कि शहर में घूमने के लिए लोगों की पसंदीदा जगह कौन सी है। सबसे ज्यादा पर्यटक कहां आते हैं। किन स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके अलावा कौन से रोड पर ज्यादा आवागमन है। इसके साथ ही उन स्थानों, इमारतों, स्थलों पर भी फोकस किया जाएगा, जिनका सौंदर्यीकरण होने पर वे लोगों के आकर्षण का केंद्र बन जाएं।
14 संगठनों के सुझाव ले चुका है बीडीए
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण 25 फरवरी को बैठक कर 14 व्यापारिक संगठनों के सुझाव ले चुका है। इसमें लोगों ने सड़कों के चौड़ीकरण, ट्रैफि क, फ र्नीचर इंडस्ट्रियल पार्क समेत कई मुद्दों पर राय दी थी। बैठक में क्रेडाई, आईएमए, आर्किटेक्ट, ट्रांसपोर्टर, लघु उद्योग, जरी उद्योग, होटल व्यवसाय और फ र्नीचर उद्योग से जुड़े लोग मौजूद रहे थे।