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बरेली बवाल: मौलाना तौकीर के करीबी नफीस का बरातघर पूरी तरह जमींदोज, दूसरे दिन दो बुलडोजरों से हुई कार्रवाई

Sun, 05 Oct 2025 03:17 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने जखीरा मोहल्ले में मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी नफीस के बरातघर को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रखी। रविवार को दो बुलडोजर से अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया। 
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बरातघर के बचे हिस्से को किया गया ध्वस्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी और आईएमसी के प्रवक्ता रहे नफीस के बरातघर रजा पैलेस को बीडीए के दो बुलडोजरों ने रविवार को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। बीडीए के मुताबिक यह आवासीय नक्शे पर बना था और इसका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था। बरातघर का अधिकतर हिस्सा शनिवार को ही ध्वस्त कर दिया गया था।

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शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के आरोपियों और उनके मददगारों पर अब पुलिस, प्रशासन, बीडीए, नगर निगम की ओर से संयुक्त तौर पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर की कार्रवाई शनिवार को शुरू हुई थी जो रविवार को अवकाश के बावजूद जारी रही। 

सुरक्षाकर्मियों के साथ बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) का प्रवर्तन दल सुबह 11 बजे जखीरा पहुंचा। वहां बरातघर के अवशेष पिलर और छत को तोड़ने के लिए कई घंटे हैमर चलवाए गए। बिजली जाने पर भी कार्रवाई बाधित न हो, इसलिए जेनरेटर चलाया गया। दो बुलडोजरों ने छत और दीवारों को जमींदोज किया।
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यह भी पढ़ें- UP: रसूख पर बने अवैध बरातघर को छह घंटे तक रौंदते रहे चार बुलडोजर, सरियों का जाल बना सिरदर्द; इस तरह चली कार्रवाई

भारी पुलिस बल रहा तैनात 
बीडीए की इस कार्रवाई के दौरान बिहारीपुर ढाल से जखीरा स्थित बरातघर तक जगह-जगह पुलिस की टोलियां और अधिकारियों की गाड़ियां नजर आईं। हर हिस्से पर नजर थी, ताकि कहीं से भी कोई विरोध होता है तो उसे रोका जा सके। कार्रवाई स्थल पर सुबह 11 से शाम पांच बजे तक वाहनों की आवाजाही भी रोक दी गई थी। लोग पैदल ही निकल सके।

बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बताया कि करीब 600 वर्गमीटर मे संचालित बरातघर के लिए मानचित्र स्वीकृत नहीं था। आवासीय भवन के मानचित्र पर बरातघर नहीं चला सकते। इसलिए बीडीए वर्ष 2024 में पहला नोटिस दिया था। ध्वस्तीकरण आदेश 17 अगस्त 2024 को पारित किया गया। 

बरातघर के संचालक को आदेश दिया गया था, लेकिन उसने न तो कोई अपील की, न ही अवैध निर्माण हटाया। अंतत: बीडीए ने बुलडोजर चलवा दिया। कार्रवाई के दौरान एडीएम के साथ कई जिलों की पुलिस, पीएसी और मजिस्ट्रेट तैनात रहे। जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद अफसरों से पल-पल की अपडेट लेते रहे।
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इंस्पेक्टर को हाथ कटाने की दी थी धमकी, जेल में है नफीस
अवैध तरीके से बरातघर संचालित कर रहे नफीस ने किला इंस्पेक्टर सुभाष कुमार को हाथ काट लेने की धमकी थी। पुलिस ने 21 सितंबर को उसके खिलाफ धनकी देने का मुकदमा दर्ज किया था। 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल में भी वह नामजद है। पुलिस ने नफीस और उसके बेटे को बवाल के बाद गिरफ्तार किया था। अब दोनों जेल में हैं। इनकी संपत्ति पर प्रशासन की नजर है। जहां-जहां नियमों की अनदेखी मिलेगी, वहां कार्रवाई तय है।

पड़ोसियों के मकान भी हिले, फिर बरती एहतियात
बीडीए के बुलडोजर और हैमर चले तो पड़ोसियों के मकान की दीवारें भी हिल गईं। पड़ोसियों ने इस पर आपत्ति की तो बीडीए के अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान एहतियात बरती। पड़ोसी दानिश ने बताया कि जब बरातघर पर बुलडोजर चला तो उनके घर की दीवार हिल गई। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को बताया। इसके बाद उनकी दीवार को बचाकर बुलडोजर चलाया गया।

यूं चली कार्रवाई
9 बजे सुबह पुलिस और पीएसी के जवान जखीरा पहुंचे।
11 बजे बुलडोजर के साथ बीडीए का प्रवर्तन दल व अधिकारी पहुंचे।
4 बजे शाम तक पूरी तरह जमींदोज किया गया बरातघर।


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