बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बताया कि करीब 600 वर्गमीटर मे संचालित बरातघर के लिए मानचित्र स्वीकृत नहीं था। आवासीय भवन के मानचित्र पर बरातघर नहीं चला सकते। इसलिए बीडीए वर्ष 2024 में पहला नोटिस दिया था। ध्वस्तीकरण आदेश 17 अगस्त 2024 को पारित किया गया।
बरातघर के संचालक को आदेश दिया गया था, लेकिन उसने न तो कोई अपील की, न ही अवैध निर्माण हटाया। अंतत: बीडीए ने बुलडोजर चलवा दिया। कार्रवाई के दौरान एडीएम के साथ कई जिलों की पुलिस, पीएसी और मजिस्ट्रेट तैनात रहे। जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद अफसरों से पल-पल की अपडेट लेते रहे।
इंस्पेक्टर को हाथ कटाने की दी थी धमकी, जेल में है नफीस
अवैध तरीके से बरातघर संचालित कर रहे नफीस ने किला इंस्पेक्टर सुभाष कुमार को हाथ काट लेने की धमकी थी। पुलिस ने 21 सितंबर को उसके खिलाफ धनकी देने का मुकदमा दर्ज किया था। 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल में भी वह नामजद है। पुलिस ने नफीस और उसके बेटे को बवाल के बाद गिरफ्तार किया था। अब दोनों जेल में हैं। इनकी संपत्ति पर प्रशासन की नजर है। जहां-जहां नियमों की अनदेखी मिलेगी, वहां कार्रवाई तय है।
पड़ोसियों के मकान भी हिले, फिर बरती एहतियात
बीडीए के बुलडोजर और हैमर चले तो पड़ोसियों के मकान की दीवारें भी हिल गईं। पड़ोसियों ने इस पर आपत्ति की तो बीडीए के अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान एहतियात बरती। पड़ोसी दानिश ने बताया कि जब बरातघर पर बुलडोजर चला तो उनके घर की दीवार हिल गई। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को बताया। इसके बाद उनकी दीवार को बचाकर बुलडोजर चलाया गया।
यूं चली कार्रवाई
9 बजे सुबह पुलिस और पीएसी के जवान जखीरा पहुंचे।
11 बजे बुलडोजर के साथ बीडीए का प्रवर्तन दल व अधिकारी पहुंचे।
4 बजे शाम तक पूरी तरह जमींदोज किया गया बरातघर।