बरेली। बीडीए ने वैध और अवैध निर्माण की एक ही नजर में पहचान करने के लिए नई व्यवस्था की है। लोगों को अपने निर्माण स्थल पर बीडीए से पास कराए गए नक्शे के नंबर के साथ अपना नाम और मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित करना होगा। बीडीए का मानना है कि इससे उसके स्टाफ का समय बचेगा और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में भी तेजी आएगी।
बीडीए अफसरों का कहना है कि लोग कोई भी भवन बनवाने के लिए नक्शा तो पास करा लेेते हैं लेकिन निर्माण स्थल पर इसकी सूचना प्रदर्शित न किए जाने से बगैर जांच के यह साफ नहीं हो पाता कि निर्माण अवैध है या अवैध। बीडीए ने इस दिक्कत से बचने के लिए निर्माण स्थल पर उसके नक्शे का नंबर, मालिक का नाम और फोन नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। बीडीए ने अपने कार्यालय में लोगों को शोषण और उत्पीड़न से बचाने के लिए एक शिकायत पेटिका की भी व्यवस्था की है। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय यह महसूस किए जाने के बाद लिया गया है कि कंपाउंडिंग प्रक्रिया के दौरान प्रार्थना पत्रों पर अक्सर बीडीए कर्मचारी अनावश्यक टालमटोल करते हैं और इसके लिए मौखिक आपत्तियां भी लगाते रहते हैं। इससे लोगों को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ती है। कोई भी व्यक्ति अब ऐसी कोई दिक्कत होने पर शिकायत पेटिका में पत्र डाल सकता है। इन पत्रों का संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।