बिथरी विधायक पप्पू भरतौल ने भी लिखी सीएम को चिट्ठी- फ्लाईओवर के पीछे कमीशन का बड़ा खेल, कुतुबखाना के लिए यह उपयोगी नहीं
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संतोष गंगवार के समर्थन के बाद मेयर उमेश गौतम और राजेश अग्रवाल भी पेश कर चुके हैं अलग राय
बरेली। कुतुबखाना फ्लाईओवर बनने से पहले ही भाजपा के प्रमुख नेताओं के बीच मतभेदों की तस्वीर बन गया है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष व कैंट विधायक राजेश अग्रवाल और मेयर उमेश गौतम के बाद अब बिथरी के विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल ने फ्लाईओवर पर अपनी जुदा राय पेश करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने फ्लाईओवर के प्रस्ताव के पीछे कमीशनखोरी का बड़ा खेल बताते हुए उसे कुतुबखाना के लिए अनुपयोगी बताया है। दो दिन पहले ही संतोष गंगवार ने फ्लाईओवर को कुतुबखाना बाजार की सबसे बड़ी जरूरत बताया था।
कुतुबखाना फ्लाईओवर का अब तक व्यापारी ही विरोध कर रहे थे लेकिन अब वह भाजपा के बड़े नेताओं के बीच जोर-आजमाइश का जरिया भी बनता जा रहा है। लोगों की निगाहें अब इस पर भी टिक गई हैं कि फ्लाईओवर के मुद्दे पर आखिर कौन भारी पड़ेगा। फिलहाल केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ही कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनवाने के पूरी तरह पक्ष में हैं। दो दिन पहले उन्होंने सर्किट हाउस में व्यापारियों के साथ हुई बैठक में उन्हें हिदायत भी दी थी कि वे इस मुद्दे पर राजनीति न करें। अगर कुतुबखाना में पुल न बना तो आने वाले कुछ सालों में यहां से गुजरना भी मुश्किल हो जाएगा और इसका सबसे ज्यादा असर व्यापारियों पर ही पड़ेगा। इस बैठक में मेयर उमेश गौतम भी थे जिन्होंने केंद्रीय मंत्री के सामने तो कोई राय पेश नहीं की लेकिन शाम को ही अपनी फेसबुक पोस्ट में साफ किया कि वह पूरी तरह फ्लाईओवर के पक्ष में नहीं है। अंडरपास पर भी विचार किया जाना चाहिए। फ्लाईओवर बने तो व्यापारियों की सहमति भी ली जाए।
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रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कुतुबखाना में फ्लाईओवर के निर्माण के औचित्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कई विकल्पों का भी जिक्र करते हुए जाम की समस्या से निपटने के लिए सड़क को चौड़ी करने का सुझाव दिया। अब बिथरी के विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय पेश करने के साथ स्मार्ट सिटी के अधिकारियों पर भी सवाल उठा दिए हैं।
बिथरी विधायक ने सोमवार को व्यापारियों की ओर से ज्ञापन दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि अफसर कोहाड़ापीर से कोतवाली तक जबरन फ्लाईओवर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें कमीशनखोरी का बड़ा खेल है। यहां फ्लाईओवर की कोई जरूरत ही नहीं है क्योंकि आधा किमी की दूरी पर दो पुल पहले से बने हुए हैं। विधायक ने कहा है कि कुतुबखाना शहर का बड़ा बाजार है। यहां फ्लाईओवर बना तो व्यापारियों का भविष्य और रोजगार समाप्त हो जाएगा। विकल्प के रूप में अंडरपास बनाने में कोई दिक्कत नहीं है मगर उस पर कोई विचार ही नहीं किया जा रहा है।