बरेली। खंड शिक्षा अधिकारी महानगर कार्यालय पर शनिवार को शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच हुई झड़प का मामला गरमा गया है। दोनों वर्ग अब एक दूसरों की करतूताें को लेकर आमने-सामने हैं। रविवार को शिक्षक और कर्मचारियों ने बैठक की। सोमवार को कार्यालय खुलने पर हंगामे के आसार हैं।
शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह पवार के सामने जसौली प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक अरुणेश शर्मा और लिपिक द्रोणाकांत सारस्वत व राजीव शर्मा के बीच बहस हो गई। कर्मचारियों की ओर से मामले की तहरीर कोतवाली में दी गई है। इसको लेकर रविवार को प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बैठक की। निर्णय लिया कि सोमवार को बीएसए से मिलकर कर्मचारियों के कृत्य बताए जाएंगे। बैठक में संगठन मंत्री हरीश बाबू शर्मा ने बताया कि बीईओ कार्यालय में नौ बाबू और 14 चपरासी हैं। इतने कर्मचारी और कहीं नहीं है। वहीं कर्मचारियों ने बैठक कर शिक्षकाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए विरोध जताने का निर्णय लिया है। इस मौके पर मुकेश सिंह चौहान, जीलानी रजवी, कविता भारत, अरुणा सिंह, मदन गोपाल यादव, मुनेंद्र पाल, साजिद, संदीप शर्मा व अन्य शामिल रहे। साथ ही मेयर से मांग की गई है कि वे खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय खाली कराएं।
बाबू के खिलाफ तो ढेरो शिकायतें हैं
शिक्षकों ने आरोपी बाबू द्रोणाकांत सारस्वत के खिलाफ तमाम शिकायतें की हैं। इसमें एक परवीन फातमा शिक्षक है। जिनकी सर्विस बुक गायब करने का आरोप कर्मचारी पर है। इस पर बीएसए ने जांच के आदेश भी दिए थे। ऐसे ही पिछले साल अरुणा कुमारी शिक्षक के पेंशन का भुगतान न होने पर भी कर्मचारियाें की शिकायत की गई।
जोड़
हंगामा करने वाले शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज
खंड शिक्षा अधिकारी महानगर कार्यालय में शनिवार को हंगामा करने वाले छह शिक्षकाें पर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह पवार की ओर से अध्यापक अरुणेश कुमार शर्मा, जिलानी रिजवी, मदन गोपाल, जाकिर अली, फईम व संदीप शर्मा के खिलाफ तहरीर दी गई थी। इनके खिलाफ बवाल करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और धमकाने पर मुकदमा लिखा गया है।