बरेली। वैसे तो पूरे बरेली कॉलेज में शिक्षकों के बीच राजनीतिक काट-फांस कोई नई बात नहीं है लेकिन गणित विभाग में शिक्षकों के वरिष्ठता के विवाद की वजह से यह जोर-आजमाइश हद से ज्यादा बढ़ गई है। बुधवार को विभागाध्यक्ष डॉ. स्वदेश सिंह की गैरमौजूदगी में चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने एक वरिष्ठ शिक्षक की छुट्टी की अर्जी प्राचार्य तक पहुंचाने से इनकार किया तो मामला गरमा गया। शिक्षक ने चपरासी को हड़काते हुए उस पर विभागाध्यक्ष के इशारे पर काम करने का आरोप मढ़ा तो गणित विभाग में ही तैनात डॉ. स्वदेश की पत्नी रो पड़ीं। इसके बाद शिक्षक संघ ने चपरासी को हड़काने के बहाने डॉ. स्वदेश पर निशाना साधने वाले शिक्षक की हरकत पर आपत्ति जताई तो वह माफी मांगने को तैयार हो गए।
बरेली कॉलेज के वरिष्ठता क्रम के हिसाब से गणित विभाग में डॉ. स्वदेश सिंह विभागाध्यक्ष हैं जिनके बाद डॉ. आरिफ नदीम का नंबर आता है। हालांकि इस वरिष्ठता सूची पर विवाद चल रहा है। कहा जाता है कि अगर सूची को दुरुस्त कर दिया जाए तो डॉ. आरिफ को विभागाध्यक्ष की कुर्सी मिल जाएगी। डॉ. स्वदेश सिंह की पत्नी डॉ. पूनम भी इसी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। बुधवार को डॉ. स्वदेश सिंह अवकाश पर थे। इसी दौरान डॉ. आरिफ नदीम ने विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मी को अपनी छुट्टी की अर्जी ले जाकर प्राचार्य को देने को कहा तो उसने इनकार कर दिया। इस पर डॉ. आरिफ नाराज हो गए। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मी पर सिर्फ विभागाध्यक्ष के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए उसे काफी खरीखोटी सुना दी और फिर अंग्रेजी विभाग में जाकर बैठ गए।
कुछ देर बाद ही शिक्षक संघ के डॉ. वीपी सिंह समेत कुछ शिक्षक उनके पास पहुंचे और उन्हें बताया कि उनकी बातों की वजह से डॉ. पूनम विभाग में ही बैठी रो रही हैं। कुछ शिक्षकों ने डॉ. स्वदेश की गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी के सामने उनके लिए इस तरह की बातें कहने को अनुचित भी बताया। डॉ. आरिफ इस पर हकबका गए। उन्होंने सफाई दी कि उन्होंने डॉ. पूनम से कुछ नहीं कहा है। अगर वह उनकी किसी बात से आहत हैं तो वह माफी मांग लेंगे। इसी बीच सूचना मिलने पर प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा भी पहुंच गए। समझाबुझाकर मामला रफादफा तो हो गया लेकिन कॉलेज में पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा, जिससे डॉ. पूनम आहत हों। फिर भी उन्हें कुछ खराब लगा तो मैंने माफी मांगने की बात भी कही। बात सिर्फ इतनी है कि चपरासी विभाग में सबके लिए है, लेकिन वह सिर्फ विभागाध्यक्ष की बात सुनता है। - डॉ. आरिफ नदीम, एसोसिएट प्रोफेसर
विभाग में हुई घटना पर मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहती। मेरे पति अभी छुट्टी पर हैं। वह जब छुट्टी से लौटेंगे तो मैं लिखित तौर पर अपना पक्ष रखूंगी। - डॉ. पूनम सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर
कुछ शिक्षक बिना तारीख की छुट्टी की एप्लीकेशन चपरासी को दे देते हैं, इसलिए मैंने ही मना किया हुआ है। मैं छुट्टी से लौटकर मामले को देखूंगा। डॉ. पूनम के रोने की बात गलत है। - डॉ. स्वदेश सिंह, विभागाध्यक्ष गणित
सुनने में आया कि डॉ. आरिफ नदीम ने कुछ कहा था, जिसका डॉ. पूनम को खराब लगा। मैं जब पहुंचा तो सब साथ बैठे चाय पी रहे थे। मेरे पास कोई शिकायत भी नहीं आई है। - डॉ. अजय कुमार शर्मा, प्राचार्य, बरेली कॉलेज