बरेली। रमजान में पूरे माह विशेष नमाज तरावीह पढ़ी जाता है। तरावीह पढ़ाने के लिए बरेली के सुन्नी मरकज से देश के प्रमुख शहरों के अलावा विदेशों में भी हाफिज कुरान जाते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में विदेशों से मांग आई है।
जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान ने बताया कि इस्लामिक यूनिवर्सिटी जामिआतुर्रजा के हाफिजों की देश-विदेश में मांग ज्यादा रहती है। मरकज से फारिग आलिमों, कारियों को लोग अपने देशों की जामा मस्जिदों और इस्लामिक सेंटर में दीनी खिदमत के लिए नियुक्त करते हैं। यहां से हाफिज देश-विदेश में रमजान के महीने में तरावीह पढ़ाने जाते हैं और सुन्नियों के अकीदे को महफूज करते हैं और मसलके आला हजरत का पैगाम आम करते हैं। उन्होंने बताया कि देश-विदेश से लोग रमजान शरीफ में हाफिजों के लिए मरकज में लगातार संपर्क कर रहे हैं। दुबई, यूके, कनाडा, हालैंड, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, श्रीलंका आदि से मांग आई है। वहीं, जो हाफिज विदेशों में अपनी खिदमत देने जाना चाहते हैं वे दरगाह आला हजरत स्थित जमात रज़ा ए मुस्तफा के हेड आफिस में संपर्क कर रहे हैं।