बरेली। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के नए स्लैब लागू होने पर बरेली का फर्नीचर, खाद्य उत्पाद, परफ्यूम सस्ते होने की उम्मीद है। इससे मांग भी बढ़ेगी। पांच फीसदी के टैक्स स्लैब में दर्ज होने से कृषि और जरी उत्पाद की कीमतों पर कोई खास फर्क नहीं होगा।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी ने बताया कि बरेली में सबसे ज्यादा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां हैं। ब्रेड व अन्य बेकरी उत्पाद बनाने की फैक्टरियां हैं। नए टैक्स स्लैब से इन उत्पादों को तैयार करने में प्रयोग होने वाले कई सामान जो 28 और 12 फीसदी के स्लैब में हैं, वे क्रमश: 18 और पांच फीसदी पर आ जाएंगे। पूर्व चेयरमैन तनुज भसीन इलेक्टि्रक उत्पाद तैयार करते हैं। कहा कि इस कारोबार में ज्यादातर सामान 28 फीसदी के टैक्स स्लैब में हैं। उनके 18 फीसदी के स्लैब में आने पर उसी के सापेक्ष कीमत भी कम होगी।
जरी कारोबारी शाकिर के मुताबिक जरी-जरदोजी के उत्पाद पहले से ही पांच फीसदी की दर पर हैं। लिहाजा, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। एक अदद गोंद ही 28 फीसदी के दायरे में है, जो 18 फीसदी में आने पर भी कोई खास असर नहीं होगा। क्योंकि इसका प्रयोग न्यूनतम होता है। ब्यूरो
फर्नीचर बनाने वाले हार्डवेयर, कपड़े होंगे सस्ते
फर्नीचर कारोबारी गौरव गर्ग के मुताबिक, फर्नीचर बनाने में प्रयोग होने वाले कई हार्डवेयर, कपड़े आदि पर जीएसटी की दर कम होगी तो उत्पादन लागत भी घटेगी। इससे ग्राहकों को सस्ती दर पर फर्नीचर उपलब्ध होगा। बरेली के फर्नीचर की मांग पहले से ही देशभर में है। कीमत कम होगी तो मांग के साथ उत्पादन भी बढ़ेगा।
सस्ते मिलेंगे परफ्यूम, बढ़ेगी मांग
अमेरिकी टैरिफ लागू होने से बरेली से निर्यात होने वाले मेंथॉल, परफ्यूम की कीमत कम करने का दबाव कारोबारियों पर है। चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए अरविंद कुमार सिंह के मुताबिक मेंथॉल, परफ्यूम 28 फीसदी के टैक्स स्लैब में हैं। 18 फीसदी स्लैब होने पर सीधे दस फीसदी टैक्स की दर कम होगी। उत्पाद सस्ते होने से स्थानीय बाजार में मांग बढ़ेगी। इससे अमेरिकी टैरिफ से कम हुए कारोबार को सहारा मिलेगा।