बरेली। थ्रीडी प्रिंटिंग एडवाइजर के रूप में नाम कमा रहे ''पांडव'' के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। रक्षा मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी मंत्रालय में इनके बनाए सॉफ्टवेयर एएम प्रवाह का प्रयोग हो रहा है। जो उत्पादों की सघन जांच करता है।
अद्वैत ने एनआईटी बारंगल से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। फिर आगे की पढ़ाई के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका चले गए। सात वर्ष तक वहां पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी की। एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब लगी पर वे देश में रहकर कार्य करना चाहते थे। लिहाजा, वर्ष 2020 में भारत लौट आए।
यहां सॉफ्टवेयर कंपनी पांडव बनाई। अद्वैत कहते हैं कि पांडव नाम देने के पीछे महाभारत की प्रेरणा है। वह पांच ऐसी उन्नत टेक्नालॉजी बनाना चाहते हैं, इसीलिए पांडव नाम रखा। कंप्यूटेशनल फिजिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग में कंपनी काम कर रही है।
बताया कि भविष्य में दो और तकनीकों पर भी काम किया जाएगा। अद्वैत ने बताया कि हाल ही में जो थ्रीडी प्रिटिंग के लिए सॉफ्टवेयर बनाया उसकी मांग भारत के साथ विदेशों में भी हो रही है। इसका नाम एएम प्रवाह रखा है।
इंटरनेशनल स्टार्टअप शो-केस स्लश-2023 में हुए शामिल
अद्वैत ने बताया के वे फिनलैंड के हैलंसिकी में 30 नवंबर से एक दिसंबर तक इंटरनेशनल स्टार्टअप शो केस स्लश-2023 में भी शामिल हो चुके है। फिनलैंड में करीब 13 हजार स्टार्टअप माॅडरेटर के साथ समय गुजारने का मौका मिला। इसका फायदा उन्हें अब मिल रहा है। संवाद
आयुर्वेदिक चिकित्सकीय परामर्श के लिए बनाया प्लेटफॉर्म
रामपुर गार्डन निवासी आयुर्वेदिक दवा कारोबारी निशांत अग्रवाल ने एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाया है, जहां देश भर के प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक चिकित्सकों से परामर्श लिया जा सकता है। माह भर पहले भारत मंडपम में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में उत्तर प्रदेश से सिर्फ उन्हें ही शामिल होने का मौका मिला था। जहां देश और विदेश से आए लोगों को उन्होंने नवाचार की जानकारी दी। स्टार्टअप कपि फिट आईआईटी मंडी कैटेलिस्ट से मान्यता प्राप्त इंक्यूबेशन है। इसके जरिये आठ सौ से ज्यादा आयुर्वेदिक दवाओं की खरीद की जा सकती है। अब तक करीब सौ आयुर्वेदिक चिकित्सक प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।