फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंसानियत और मोहब्बत के प्रचारक थे रसूले पाक

विज्ञापन
विज्ञापन
जश्ने शाह शराफत अली मियां... इंसानियत और मोहब्बत के प्रचारक थे रसूले पाक संवाद न्यूज एजेंसी बरेली। उर्स-ए-शराफती के सिलसिले में जश्ने शाह शराफत का आयोजन गुलाब नगर में किया गया। यह महफिल पीरो मुरशिद शाह मुहम्मद सकलैन मियां की सरपरस्ती में सजाई गई। महफिल की शुरुआत तिलावते कलामे पाक से की गई। इसमें तकारीर व नात ओ मनकबत का सिलसिला चला। हाफिज कारी आमिल सकलैनी ने हम्द शरीफ पढ़कर महफिल का आगाज किया। हसीब रौनक सकलैनी ने नात ओ मनकबत के शानदार कलाम पेश किए और अपनी आवाज व कलाम की दिलकशी से माहौल खुशनुमा बना दिया मौलाना आफाक मुजद्दिदी सकलैनी ने जश्ने ईद मीलादुन्नबी की अजमत और इसके अदब ओ एहतराम पर रौशनी डाली। उन्होंने कहा कि हुजूर नबी ए पाक की जात तमाम दुनिया ए इंसानियत में सबसे अफजल व काबिले एहतराम जात ए पाक है, आप दुनिया में सबसे बड़े इंसानियत, मुहब्बत के प्रचारक हैं। उन्होंने अपने अख्लाक से ऐसा मुहब्बत का पैगाम दिया जिसने दुनिया में एक इंकलाब बरपा कर दिया और तमाम आलम में इंसानियत, मुहब्बत ओ खुलूस की रौशनी फैल गईं। मौलाना हाफिज नफीस सकलैनी ने हजरत शाह मौलाना शराफत अली मियां की शान ए बुजुर्गी बयान किया। बताया कि शाह मौलाना शराफत अली मियां की शख्सियत मोहताजे तआरूफ नहीं। आपकी हयात ए पाक का एक एक लम्हा शरीयत ओ तरीकत के सांचे में ढला हुआ था। निजामत मुख़्तार सकलैनी तिलहरी ने की। इस दौरान स्टेज पर मौलाना तस्खीर अहमद, हाफिज गुलाम गौस सकलैनी, मौलाना जाने आलम, जिया राशिद, सय्यद अरवाज सकलैनी, मजहर हुसैन, हाजी लतीफ सकलैनी, इंतजार हुसैन सकलैनी मौजूद रहे। महफिल से पहले बाद नमाज़ मगरिब फातिहा ख्वानी हुई और हर साल की तरह घोसी ब्रादरी की जानिब से बड़े पैमाने पर लंगर किया गया। प्रोग्राम की देखरेख शाह सकलैन एकेडमी यूनिट गुलाब नगर घोसी बरादरी की ओर से की गई। इसमें हाजी गुड्डू सकलैनी, शकील सकलैनी, जमाल सकलैनी, उस्मान सकलैनी, कमाल सकलैनी, शहाबुद्दीन सकलैनी, नूरुद्दीन सकलैनी, शेर मुहम्मद आदि की शिरकत रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें