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बरेली के युवक की शाही में फावड़े से गला काटकर हत्या

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demo photo - फोटो : अमर उजाला।
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दूसरे समुदाय के युवक के घर में चारपाई पर मिली लाश, मां-बेटा फरार

शाही (बरेली)। थाने के बढ़ेपुरा गांव के एक घर में रविवार शाम बरेली के एक युवक की फावड़े से गला काटकर हत्या कर दी गई। कारचोबी का काम करने वाला युवक नशा करता था और परिवार उस पर ऊपरी साये का असर बता रहा है। दूसरे समुदाय के जिस युवक के घर में शव मिला है वह भी नशेड़ी है और अपनी मां के साथ गायब हो गया है। एसपी देहात ने मौके पर जांच की है। एसएसपी ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर सच सामने लाने के निर्देश दिए हैं।
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गांव बढेपुरा निवासी अनिल गिरि व उसकी मां अपने घर में रहते हैं। रविवार रात साढ़े सात बजे गांव के चौकीदार नन्हेंलाल को अनिल के घर में एक युवक की हत्या की सूचना मिली। उसने यूपी 100 पुलिस को बुला लिया। एसओ वीरेंद्र सिंह राणा भी पहुंचे। घर में एक युवक का शव प्लास्टिक की बुनी चारपाई पर पड़ा मिला। गर्दन फावड़े से कटी थी। जमीन पर बहे खून पर मिटटी पड़ी थी। पास की दीवार पर खून के छींटे लगे मिले। मृतक की जेब से मिले कागजातों के हिसाब से पड़ताल की तो मृतक का नाम अबरार उम्र तकरीबन 25 साल पुत्र नजीर निवासी एजाज नगर गौंटिया थाना बारादरी पता लगा। फरीदपुर में एक मोबाइल कम्युनिकेशन में काम करने वाले उसके भाई इमरान ने मोबाइल पर फोटो देखकर इसकी पुष्टि की।
हालांकि इमरान ने बताया कि अबरार सुबह घर से यह कहकर गया था कि बह कारचोबी का काम लेने जा रहा है। उसने यह नहीं बताया कि आखिर वह कहां जा रहा है। वह लोग न तो उस गांव और न उस मकान मालिक को जानते हैं जहां भाई का शव मिला है। किसने क्यों हत्या की? वह नहीं समझ पा रहे। पुलिस ने शव सील कर दिया। सोमवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह, सीओ मीरगंज उम्रदराज खां भी मौके पर पहुंचे। हत्या की वजह को लेकर कहानी पूरी तरह उलझी हुई थी।

अबरार के घरवाले उसके ऊपर हवा का असर बता रहे हैं। हालांकि इसे मानसिक बीमारी के तौर पर समझा जा सकता है। बावजूद अबरार इतनी दूर गांव में किसी अपरिचित के घर क्यों गया। उसकी हत्या क्यों की गई? जैसे सवालों का जवाब अभी नहीं मिला है। खुद अबरार का परिवार भी हैरत में है। मां-बेटे की तलाश की जा रही है, उनके मिलने पर ही सच सामने आएगा। - शैलेश पांडेय, एसएसपी

छह महीने जेल काट चुका है अबरार, परेशान थे घरवाले

बरेली। नशे की लत पूरी करने को झगड़ा और छिटपुट अपराध करने वाले अबरार की हत्या में वजह को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है। आरोपी बताया जा रहा अनिल भी उसी की तरह नशेड़ी बताया जा रहा है। पुलिस मान रही है कि नशे में दोनों के झगड़े के बाद हत्या करके अनिल फरार हो गया है। हालांकि इन तथ्यों की पुष्टि बिना अनिल की गिरफ्तारी के संभव नहीं है।
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अबरार के भाई इमरान ने अमर उजाला से बातचीत में स्वीकार किया कि छह भाी और दो बहनों के बड़े परिवार में अबरार की हरकतों से सभी परेशान थे। कहने को वह कारचोबी का अच्छा कारीगर था पर नशे की लत ने उसकी जिंदगी खराब कर दी थी। उस पर ऊपरी साये का भी असर है। साल भर पहले सरकारी नल से पानी लेने जाने के दौरान पुलिस ने चोर मानकर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। उन लोगों ने जमानत नहीं कराई और छह महीने बाद वह छूट सका। कई बार बारादरी पुलिस ने हरकतों की वजह से उसे पकड़ा तो वह माफी मांगकर छुड़ा लाया। इमरान सूचना के तीन घंटे बाद भी भाई का शव देखने नहीं पहुंचा तो अधिकारी भी संशय जताने लगे।
वहीं, पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि फरार अनिल भी नशे का आदी है। किसी पड़ोसी ने पहले अबरार को गांव में देखने की बात नहीं स्वीकारी पर पुलिस को लग रहा है कि शायद दोनों नशे की वजह से एकदूसरे के दोस्त बने हैं। बावजूद तनातनी की वजह और अनिल के साथ उसकी बुजुर्ग मां का भी घर से भागना लोगों की समझ नहीं आ रहा।

हिस्ट्रीशीटर पिता का सनकी बेटा खोद चुका है अपनी कब्र

बरेली। शाहजहांपुर के तिलहर निवासी फतेह गिरि हिस्ट्रीशीटर बदमाश था। अनिल उसका ही बेटा है। नशे का आदी अनिल बेहद सनकी किस्म का है। बताते हैं कि उसकी हरकतों से परेशान होकर उसकी पत्नी ने उसे छोड़कर दूसरी शादी कर ली। साल भर पहले अनिल को आत्महत्या करने की सनक सूझी और घर में ही गड्ढा खोदकर उसमें समाधि लेने की घोषणा कर दी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह उसे समझाकर गड्ढा बंद कराया।
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