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तीन नए निजी विश्वविद्यालय खुलने से बरेली बनेगा एजूकेशन हब

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कॉलेज संचालकों को प्रमाण पत्र प्रदान करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एसआरएमएस, सिद्घि विनायक, फ्यूचर इंस्टीट्यूट को मिला प्रमाणपत्र

बरेली। तीन संस्थानों को निजी विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र मिलने के बाद बरेली एजूकेशन हब बनने की ओर अग्रसर है। बरेली में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या अब चार हो गई है। इन्वर्टिस पहले से ही निजी विश्वविद्यालय के रूप में संचालित हो रहा है। मंगलवार को सिद्घि विनायक, फ्यूचर इंस्टीट्यूट और एसआरएमएस को लखनऊ में मुख्यमंत्री ने निजी विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र दिया।
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इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल इन विश्वविद्यालयों के बनने से करोड़ों का निवेश आने की बात कही, बल्कि इससे गुणवत्ता युक्त शिक्षा के प्रसार की भी बात कही। बरेली में जिन तीन संस्थानों को निजी विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र दिया गया, उनमेें इंजीनियरिंग से लेकर मैनेजमेंट तक की पढ़ाई होती है। ऐसे में न केवल बरेली में कोटा की तरह बड़े पैमाने पर प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियों के लिए कोचिंग संस्थान आदि खुलेंगे, बल्कि निवेश भी आएगा। जिससे गुणवत्तायुक्त शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और बरेली एजूकेशन हब के रूप में भी विकसित होगा।

जिम्मेदारी मिलने से और मजबूत हुआ संकल्प: देवमूर्ति

मुख्यमंत्री द्वारा विश्वविद्यालय का प्रमाणपत्र मिलने के बाद एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति ने कहा कि इससे उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। कहा कि अब ट्रस्ट विश्व स्तर पर अपने संस्थानों को स्थापित करने का प्रयास करेगा। कोशिश होगी कि उन युवाओं को संस्थान से जोड़ा जाए जो अच्छी शिक्षा के लिए विदेशों में जाते हैं, रिसर्च आदि करते हैं। यह सभी सुविधाएं संस्थान अपने यहां उपलब्ध कराएगा। उनका कहना है कि पिता राममूर्ति का नाम और उनके आदर्शों को चिरस्थाई रखने के लिए 1990 में एसआरएमएस ट्रस्ट बनाया। ट्रस्ट के जरिए समाजसेवा की। 1995 से इंजीनियरिंग कॉलेज चलाने की अनुमति मिली। इसके बाद फार्मेसी, एमबी कॉलेज, मेडिकल कॉलेज पैरामेडिकल नर्सिंग और लॉ कॉलेज आदि का संचालन शुरू किया गया। लखनऊ में मैनेजमेंट और उन्नाव में इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किया गया। इस वक्त करीब साढ़े चार हजार से अधिक स्टूडेंट्स केवल ट्रस्ट के बरेली स्थित कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। एसआरएमएस ट्रस्ट प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 19 तरह की स्कॉलरशिप के रूप में 20 हजार से सवा दो लाख तक की राशि दे रहा है।

विश्व मेें टॉप 100 मेें आने का लक्ष्य : मुकेश गुप्ता

फ्यूचर इंस्टीट्यूट के संस्थापक मुकेश गुप्ता ने बताया कि अब विश्वविद्यालय खुद को विश्व की टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची मेें शामिल कराने के लिए प्रयास करेगा। इसके लिए जितना भी निवेश आवश्यक होगा, किया जाएगा। बताया कि इंस्टीट्यूट की स्थापना 2009 में की गई थी। यहां फार्मेसी, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, विभिन्न डिप्लोमा कोर्स, एजूकेशन, साइंस और आर्ट के स्नातक और परास्नातक कोर्स आदि चलाए जाते हैं।

विश्वस्तरीय गुणवत्ता पर होगा जोर : अनुपम कपूर

श्री सिद्घि विनायक विश्वविद्यालय के संस्थापक व चेयरमैन अनुपम कपूर ने बताया कि निजी विश्वविद्यालय बनने के साथ ही अब विश्व स्तरीय गुणवत्ता को पूरा कर विश्व में शिक्षा का अग्रणी संस्थान बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। 2009 में सबसे पहले इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई, जिसके बाद संस्थान ने एमटेक, बी टेक, एमबीए, पॉली नर्सिंग, एएनएम और जीएनएम आदि कोर्सों का संचालन शुरू किया। वर्तमान में संस्थान के पास तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
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