राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर भाजपा सांसद वरुण गांधी ने चिंता जाहिर की है। उन्होने प्रदुषण संकट से निपटने में कई सरकारी एजेंसियों के बीच चिंता और समन्वय की कमी पर सवाल उठाया। भाजपा सांसद ने कहा कि न सरकार और न ही लोग इस राक्षसी समस्या के बारे में गंभीर हैं, उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि अस्पताल सांस लेने, दिल और फेफड़ों की समस्याओं वाले मरीजों से भरे हुए हैं।
वरुण गांधी ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में 10 में से आठ बच्चों को सांस की समस्या है। वर्षों की चर्चा के बाद कई सरकारी संस्थाओं के बीच चिंता और समन्वय की निरंतर कमी क्यों है। क्या समस्या को हल करने की लागत 46 मिलियन लोगों के लिए जीवन भर की श्वसन देखभाल से अधिक है।
ज्यादातर दिवाली के दौरान पराली जलाने और पटाखों के इस्तेमाल की घटनाओं पर ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे अपने लोगों को जहर परोसने की प्रथा को बंद किया जाना चाहिए। हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के साथ, भाजपा और आप, जो दिल्ली और पंजाब में सत्ता में हैं, जहां पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं उन्होने वार्षिक संकट के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है।