बरसात में बढ़ जाती हैं मुश्किलें
बरसात के मौसम में खिलाड़ियों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, गीली घास पर बॉल धीमी हो जाती है और फिसलन बढ़ जाती है। इससे खिलाड़ियों के चोटिल होने का भी खतरा रहता है। एस्ट्रो टर्फ पर बारिश के बाद भी खेल जारी रखा जा सकता है, लेकिन घास के मैदान पर ऐसा संभव नहीं।
जानिए, क्या होता है एस्ट्रो टर्फ
एस्ट्रो टर्फ कृत्रिम घास का मैदान होता है, जिस पर हॉकी खेली जाती है। कृत्रिम घास गेंद को मूवमेंट प्रदान करती है। इस पर खेलने से खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा भी कम हो जाता है।
आरएसओ जितेंद्र यादव ने बताया कि सारे मैदान मानक के अनुरूप होने चाहिए। स्टेडियम में एस्ट्रो टर्फ के लिए जगह की कमी है। अगर जगह उपलब्ध हो तो हॉकी के लिए एस्ट्रो टर्फ बनाया जा सकता है।