रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने श्री राममूर्ति स्मारक कॉलेज ऑफ लॉ में नियमों के खिलाफ नियुक्तियां करने की वजह से सभी प्रवेश पर रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राजीव कुमार ने कॉलेज के प्रबंधक को इस संबंध में पत्र जारी किया है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने श्री राममूर्ति स्मारक कॉलेज ऑफ लॉ में सभी प्रवेश पर रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राजीव कुमार ने कॉलेज के प्रबंधक को इस संबंध में पत्र जारी किया है। कॉलेज प्रबंधन पर आरोप हैं कि प्राचार्य व शिक्षकों की नियुक्तियां नियमों के खिलाफ की गई हैं।
विश्वविद्यालय ने जारी किए पत्र में कहा है कि एसआरएमएस कॉलेज ऑफ लॉ में प्राचार्य व शिक्षकों की नियुक्तियों में नियमों का ख्याल नहीं रखा गया। मामला आगे बढ़ा तो यह हाईकोर्ट पहुंचा। न्यायालय के आदेश के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने पांच सदस्यीय टीम गठित की। जांच टीम ने पाया कि महाविद्यालय की ओर से कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में यह साफ नहीं हो सका कि प्राचार्य व शिक्षकों की नियुक्ति नियमानुसार की गई हैं। यह जांच रिपोर्ट विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के समक्ष पहुंची तो उन्होंने कॉलेज में अग्रिम आदेशों तक सभी प्रवेश प्रतिबंधित कर दिए हैं। परिषद ने यह भी कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करके इस प्रकरण की वृहद स्तर पर जांच कराई जाए। जांच रिपोर्ट फिर कार्य परिषद के समक्ष रखी जाएगी तब तक कॉलेज में प्रवेश नहीं होंगे।
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हमारे यहां सभी नियुक्तियां निर्धारित मानकों के आधार पर ही की गई हैं। सभी दस्तावेज भी संबंधित अथॉरिटी को समय-समय पर उपलब्ध कराए गए। यह मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय के संज्ञान में है, जिस पर कुछ ही दिनों में फैसला होने वाला है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के किसी नोटिस की उन्हें जानकारी नहीं है।
- डॉ. मुकुट बिहारी शर्मा, प्राचार्य, एसआरएमएस कॉलेज ऑफ लॉ
एसआरएमएस कॉलेज ऑफ लॉ में प्राचार्य से लेकर शिक्षकों की नियुक्तियां नियमों के तहत नहीं की गईं। इसी के चलते इस साल प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। -डॉ. राजीव कुमार, रजिस्ट्रार, रुहेलखंड विश्वविद्यालय