ये भी होंगे फायदे
- शहर में ट्रैफिक का दबाव घटेगा। जाम से मुक्ति मिलेगी। आवागमन में समय कम लगेगा। सड़कों की उम्र बढ़ेगी।
बिल्डर्स को नई कॉलोनियां बसाने का मिलेगा अवसर
वास्तुविद सुमित अग्रवाल ने बताया कि जहां भी सड़क बनती है, वहां आसपास के क्षेत्र का विकास खुद-ब-खुद होने लगता है। मुझे लगता है कि रिंग रोड के आसपास बसे करीब सौ गांवों में जमीन के रेट बढ़ने के साथ नए उद्यम स्थापित होने का रास्ता खुलेगा। रिंग रोड के लिए जिन 32 गांवों की जमीन ली जा रही है, उन गांवों के आसपास बिल्डर्स को नई कॉलोनियां विकसित करने का अवसर मिलेगा।
इंडस्ट्रियल टाउनशिप और नाथधाम परियोजना को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि परसारखेड़ा के रहपुरा जागीर में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल टाउनशिप को झुमका चौराहे से रिंग रोड की कनेक्टिविटी मिल जाएगी। औद्योगिक विकास होगा। बदायूं रोड पर प्रस्तावित नाथधाम परियोजना को भी विकसित करने के लिए सड़क की बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।