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बरेली रिंग रोड: किसानों को मिलेंगे 800 करोड़ रुपये, जानिए खातों में कब तक आएगा मुआवजा

Fri, 29 Nov 2024 09:45 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली रिंग रोड परियोजना को धरातल पर उतराने की प्रक्रिया तेज हो गई है। भूमि अधिग्रहण का मुआवजा किसानों के खातों में जल्द आ सकता है। जमीन के लिए अवॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया तेज की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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बरेली शहर के बाहरी हिस्से में 2,074 करोड़ रुपये की लागत से 29.920 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित है। डीपीआर को मंजूरी मिल गई है। इसके निर्माण से पहले 32 गांवों के 900 किसानों को 800 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा मिलेगा। 20 गांवों के किसानों के 300 करोड़ के अवॉर्ड तैयार हैं। अगले सप्ताह से मुआवजा खाते में आने के आसार हैं।

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12 गांवों के किसानों की जमीन के लिए अवॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया तेज की गई है। किसानों की जेब में रुपये आते ही बाजार को रफ्तार मिलेगी। जमीन की खरीद-फरोख्त तेज होगी। रिंग रोड से जुड़े गांवों के आसपास की जमीन के दाम भी बढ़ेंगे। शहरी क्षेत्र का विस्तार होगा। शहर में वाहनों का दबाव घटेगा। बाहर से आने वाले वाहन रिंग रोड से होकर दूसरे शहरों व जिलों को जा सकेंगे।

ऐसा होगा रिंग रोड 
बरेली में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 530 पर धंतिया गांव के निकट झुमका चौराहे से रिंग रोड शुरू होगा, जो इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के करीब राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 से जुड़ेगा। रिंग रोड पर चार आरओबी, 17 अंडरपास और तीन नए चौराहे विकसित किए जाएंगे। निर्माण पर 907.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यूटिलिटी शिफ्टिंग और भूमि अधिग्रहण पर शेष व्यय होना है। रिंग रोड फोरलेन होगा। कहीं-कहीं इसे सिक्सलेन भी किया जाएगा। झुमका से बुखारा रोड होकर इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी तक अधिकतम 60 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी।

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ये भी होंगे फायदे
- शहर में ट्रैफिक का दबाव घटेगा। जाम से मुक्ति मिलेगी। आवागमन में समय कम लगेगा। सड़कों की उम्र बढ़ेगी।

बिल्डर्स को नई कॉलोनियां बसाने का मिलेगा अवसर
वास्तुविद सुमित अग्रवाल ने बताया कि जहां भी सड़क बनती है, वहां आसपास के क्षेत्र का विकास खुद-ब-खुद होने लगता है। मुझे लगता है कि रिंग रोड के आसपास बसे करीब सौ गांवों में जमीन के रेट बढ़ने के साथ नए उद्यम स्थापित होने का रास्ता खुलेगा। रिंग रोड के लिए जिन 32 गांवों की जमीन ली जा रही है, उन गांवों के आसपास बिल्डर्स को नई कॉलोनियां विकसित करने का अवसर मिलेगा। 

इंडस्ट्रियल टाउनशिप और नाथधाम परियोजना को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि परसारखेड़ा के रहपुरा जागीर में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल टाउनशिप को झुमका चौराहे से रिंग रोड की कनेक्टिविटी मिल जाएगी। औद्योगिक विकास होगा। बदायूं रोड पर प्रस्तावित नाथधाम परियोजना को भी विकसित करने के लिए सड़क की बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। 
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