कारोबारी अमन गुप्ता के यहां हुई चोरी का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। ईद पर चोरों ने इलाके में बकरा खरीदने के बहाने रेकी की। अमन गुप्ता का घर खाली देखकर वहां कई चक्कर लगाए। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया। किसी को शक न हो इसलिए कार खराब होने का बहाना दो चोर घर के बाहर खड़े हो गए। एक मिस्त्री ढूंढने के बहाने आसपास घूमकर लोगों पर नजर रखता रहा। दो ने अंदर जाकर पूरा घर खंगाल लिया।
क्राइम ब्रांच और बारादरी पुलिस ने चार चोरों को गिरफ्तार कर डीडीपुरम के कारोबारी नमन गुप्ता के घर से हुई 32 लाख की चोरी का खुलासा कर दिया है। इस घटना में पुलिस ने हापुड़ में थाना पिलखुआ, सद्दीकपुरा के यासीन, रफीकनगर के सराफराज उर्फ छोटे, गाजियाबाद में मुकीमपुर के वसीम उर्फ कालिया, डासना के उस्मान और पिलखुआ के सराफ नवीन शर्मा को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 4.64 लाख की नकदी और कुछ जेवरात बरामद हुए हैं।
कारोबारी अमन गुप्ता परिवार के साथ जुलाई के पहले सप्ताह में जागेश्वर धाम गए थे। 10 जुलाई को जब वह घर लौटे तो चोरी होने की जानकारी हुई। चोर उनके घर से 18 लाख की नकदी और करीब 14 लाख रुपये के जेवरात चोरी करके ले गए थे। घटना की रिपोर्ट थाना बारादरी में दर्ज कराई गई थी। शुक्रवार को पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। घटना में प्रयुक्त कार भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
चोरों का एक साथी गाजियाबाद में डासना के वार्ड एक निवासी फरमान अभी फरार है। गिरोह का सरगना यासीन है। उस पर एनडीपीएस एक्ट समेत आठ मामले दर्ज हैं। उसके भाई फरमान पर भी कई मामले दर्ज हैं। प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने दी।
सराफ को थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट
चोरी का माल खरीदने वाले सराफ नवीन शर्मा की हापुड़ के पिलखुआ में रामऔतार ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। वसीम ने चोरी के बाद सारी ज्वेलरी उसे बेच दी। हालांकि वसीम ने कुछ जेवरात ही खपाने की बात स्वीकार की है लेकिन पुलिस का दावा है कि सारे जेवरात नवीन ने ही खरीदे। थाना पुलिस ने चारों चोरों को तो हवालात में बंद कर दिया, लेकिन सराफ को एसी कमरे में कुर्सी देकर बैठाया गया। कारोबारी अमन गुप्ता ने भी पुलिस पर उससे ठीक से पूछताछ न करने का आरोप लगाया है।
कारोबारी ने उठाए खुलासे पर सवाल
अमन गुप्ता ने पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घर से करीब 18 लाख की नकदी और 14 लाख के जेवरात चोरी हुए। मगर पुलिस ने बहुत कम बरामदगी दिखाई है। आरोप लगाया कि पुलिस ने ठीक से पूछताछ नहीं की, वरना पूरा माल बरामद हो जाता। इस संबंध में उन्होंने एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज से मिलकर शिकायत की है।