बरेली के हजियापुर में सील इलाके में आराम से इधर-उधर घूमते लोग।
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कोरोना को लेकर संजीदा नहीं हैं लोग, दौड़ाकर परेशान हो चुकी है पुलिस
बरेली। हॉटस्पॉट हजियापुर और ब्रह्मपुरा में सख्ती और बंदिशें वक्त के साथ अब ढीली पड़ने लगी हैं। खासकर हजियापुर में दिन भर महिलाएं गुट बनाकर गलियों में चर्चा करती रहती हैं। नौजवान भी घरों के बाहर जमघट लगाए रहते हैं। ऐसे में लॉकडाउन निरर्थक साबित हो रहा है। पुलिस लोगों को गलियों से दौड़ाती है तो वे कुछ देर बाद फिर आकर अड्डा जमा लेते हैं।
झोलाछाप की कोरोना से मौत के बाद हजियापुर को हॉटस्पॉट घोषित किया गया था। वहीं, झोलाछाप के ब्रह्मपुरा निवासी रिश्तेदार और उनकी मां में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद दोनों जगह को हॉटस्पॉट घोषित कर गलियों को पुलिस ने बांस बल्ली लगाकर पूरी तरह बंद कर दिया। अभी तक दोनों जगह पर्याप्त सख्ती थी, लेकिन इधर, कुछ दिनों में अधिकांश केस निगेटिव निकलने से लोगों में कोरोना का डर कम हुआ है और गलियों में आवाजाही बढ़ गई है। शाहदाना, कांकरटोला की ओर से सील की गईं हजियापुर की गलियों में भी अब काफी रौनक दिखती है। दोपहर भर लोग सड़कों पर जमे रहते हैं। कुछ समझदार परिवार अब सावधानी बरत रहे हैं। यहां ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मी भी ऊंघने लगे हैं। कुछ मोबाइल के सहारे तो कुछ साथी से बातचीत करके वक्त काटते हैं।
ब्राह्मपुरा के लोग अस्पताल से लौटे तो परिजन से गले मिलकर रो पड़े
बरेली। ब्रह्मपुरा के मां-बेटे को कोराना पॉजिटिव होने पर भर्ती कराया गया था। उनके कुछ रिश्तेदारों की भी स्वास्थ्य विभाग ने शक के आधार पर जांच कराई थी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उन्हें अस्पताल में क्वारंटीन कर दिया गया था। अस्पताल से शनिवार रात इन्हें एंबुलेंस से घर भेजा गया। यहां घरवालों से गले मिलकर यह लोग खूब रोए। इस दौरान गली में काफी भीड़ भी लग गई। ब्यूरो