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Bareilly News: कागजों से बाहर नहीं निकल सका बरेली ऑफिसर्स क्लब

Mon, 22 Apr 2024 05:21 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। शहर में अंग्रेजों द्वारा 116 साल पहले बनाया गया एलन क्लब अब इतिहास बन चुका है। ठिकाना वही है, लेकिन इसका नया नाम अब बरेली ऑफिसर्स क्लब हो गया है। दुर्भाग्य यह है कि नये नाम वाला क्लब अभी कागजों से बाहर नहीं निकल सका है। अपनी ही सरकार में भाजपा नेताओं ने खूब एड़ियां घिसीं, लेकिन अफसरशाही के आगे उनकी एक न चल सकी। यही कारण है कि बीते चार साल से नए ऑफिसर्स क्लब की फाइल अधिकारियों के यहां चक्कर काट रही है।
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शहर के बीचोंबीच पटेल चौराहा के पास 1280 वर्गमीटर में 1908 में बने एलन क्लब की लीज वर्ष 1998 में खत्म हो गई थी। सदस्य इसकी अवधि बढ़वाना भूल गए। इसके बाद 2020 में एलन क्लब पर ताले डाल दिए गए। क्लब में करीब 600 से ज्यादा सदस्य थे। ताला पड़ने के बाद सदस्यों ने अधिकारियों के यहां चक्कर लगाने शुरू किए तो तब डीएम ने तत्कालीन नगर आयुक्त अभिषेक आनंद को क्लब का संचालन नए सिरे से कराने की जिम्मेदारी सौंपी। तय हुआ कि क्लब अब पुराने नाम से नहीं चल पाएगा। इसके बाद वर्ष 2021 में क्लब को नया नाम बरेली ऑफिसर्स क्लब दिया गया। डीएम इसके पदेन अधिकारी बने। हालांकि, जब तक क्लब के ताले खोलने की नौबत आती नगर आयुक्त का तबादला हो गया।
इसके बाद नगर आयुक्त के यहां से फाइल डीएम के यहां और फिर मंडलायुक्त के पास गई। तब से फाइल लगातार इधर-उधर घूम रही है। क्लब के सदस्य पिछले चार साल से अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। बीते माह कमिश्नर के यहां गए तो बताया गया कि फाइल नगर आयुक्त के यहां वापस भेज दी गई है। क्लब के सदस्य अब नगर आयुक्त के यहां चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वहां से कह दिया गया कि फाइल फिर से डीएम के यहां भेज दी गई है।
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छह लाख का बकाया होने पर काट दिया बिजली कनेक्शन

एलन क्लब पर छह लाख रुपये बिजली विभाग का बकाया था। बिल जमा न होने के कारण वर्ष 2021 में विद्युत विभाग ने क्लब का कनेक्शन काट दिया था। इसके बाद दो लाख रुपये क्लब की तरफ से बिजली विभाग में जमा कर दिए गए। क्लब के खाते में अभी 10 लाख रुपये से ज्यादा जमा हैं। सदस्यों का कहना है कि अगर प्रशासन क्लब को चलवाता है तो तत्काल बकाया बिल भी जमा करवा दिया जाएगा।

संचालन को लेकर अटका है पेंच
क्लब के अपने नियम कानून तो हैं लेकिन अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे कि संचालन का जिम्मा किसे दिया जाए। अंदरखाने कई सदस्य संचालन अपने हाथ में लेना चाहते हैं। इसको लेकर फूट पड़ी हुई है, लेकिन खुलकर कोई कुछ नहीं बोल रहा। चूंकि खुद विधायक संजीव अग्रवाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष केएम अरोरा व कई प्रतिष्ठित लोग क्लब के सदस्य रहे हैं। ऐसे में अधिकारी किसी भी विवाद से बचना चाह रहे हैं। यही कारण है कि क्लब के ताले नहीं खुल पा रहे। हालांकि सदस्यों का कहना है कि सांसद संतोष गंगवार, मेयर उमेश गौतम, विधायक संजीव अग्रवाल आदि से मिल चुके हैं। सबने अधिकारियों से कहा है, इसके बावजूद ताले नहीं खुल सके।





क्या-क्या है क्लब में
क्लब में टेनिस कोर्ट, टेबिल टेनिस, स्वीमिंग पुल, बैडमिंटन कोर्ट, विलियर्डस, किटी हॉल, बार एंड रेस्टोरेंट, कार्ड रूम, लाइब्रेरी है। इसके अलावा 12 से ज्यादा एसी लगे हैं।
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एक माह पूर्व नगर आयुक्त से मिले थे। उन्होंने बताया कि फाइल डीएम के यहां भेज दी गई है। अब जो कुछ करेंगे डीएम ही करेंगे। जबकि उससे पहले कमिश्नर के पास गए थे तब उन्होंने बताया था कि फाइल नगर आयुक्त के पास भेज दी गई है।- अमित सरपाल, सदस्य
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