Pahalgam Attack Impact: इरम के परिजनों के मुताबिक, वह हिंदुस्तान की सरहद पार करके अटारी के रास्ते पाकिस्तान जा चुकी हैं। फिलहाल, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों के मुताबिक, बरेली छोड़ते वक्त भी इरम बहुत भावुक थीं।
Shahnoor Mother Story: बरेली की बहू इरम की पाकिस्तान वापसी से बिहारीपुर निवासी उनका 15 साल का बेटा शाहनूर बेचैन है। उसकी सात साल की बेटी आयजा का भी यही हाल है। दोनों बच्चे पिता और परिजनों के पास हैं। खाने-पीने की कोई कमी नहीं है, पर मां के बिना सब अधूरा लगता है।
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बात करने पर शाहनूर ने कहा कि बड़े होकर मां को हिंदुस्तान लाएंगे। मां के जाने से मन नहीं लग रहा है। जब भी मौका मिलेगा, वह मां से मिलने पाकिस्तान जाएगा। सात साल की बेटी आयजा भी पल-पल मां को याद कर रही है। वह बहुत देर बाद बोलने के लिए शब्द जुटा सकी।
कहा कि जब उसने साथ जाने की बात कही तो मां ने समझाया था कि मेरी बच्ची, कुछ मजबूरी है। तुम लोग मेरे साथ नहीं चल सकते। तब हम दोनों रो पड़े थे। फिर मां ने कहा कि खुदा कभी न कभी उन्हें जरूर मिलाएगा।
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इरम ने कहा था हिंदुस्तान के लिए धड़केगा दिल
इरम के परिजनों के मुताबिक, वह हिंदुस्तान की सरहद पार करके अटारी के रास्ते पाकिस्तान जा चुकी हैं। फिलहाल, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों के मुताबिक, बरेली छोड़ते वक्त भी इरम बहुत भावुक थीं। उसने कहा था कि वह भले ही पाकिस्तान में रहेंगी, पर उनका दिल हमेशा हिंदुस्तान के लिए धड़कता रहेगा। बच्चे हमेशा याद आएंगे। उसने भारत की सरजमीं को चूमकर सरहद पार किया था। कहा था कि यह सरजमीं मेरे बच्चों को पनाह देगी।
जानते हैं इरम की कहानी
लाहौर की निस्तार कॉलोनी में पैदा हुई इरम के पिता मजाहिल हुसैन लाहौर के मशहूर डॉक्टर हैं। मजाहिल हुसैन की बहन का निकाह बरेली में हुआ था। इस लिहाज से बुआ ने ही भतीजी इरम के लिए बिहारीपुर निवासी अथर से रिश्ते की बात चलाई। आठ अप्रैल 2008 को इरम का निकाह मोहम्मद अथर से किया गया। इरम की शादी के करीब 15 साल तक सब ठीक चला।
इरम के मुताबिक 11 जून 2024 को शौहर ने उसे रातभर पीटा और तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया। चूंकि भारत में तब तीन तलाक पर नया कानून आ गया था तो इरम ने 18 जून 2024 को कोतवाली में पति मोहम्मद अथर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के प्रयास से उसी मकान में इरम को एक कमरा मिल गया।
सितंबर में कर लिया था भारत छोड़ने का फैसला
इरम के मुताबिक ससुरालवालों के रवैये को देखकर उसने सितंबर 2024 में ही भारत छोड़ने का फैसला कर लिया। चूंकि वह मुकदमा चलने के दौरान देश नहीं छोड़ सकती थी तो उसने पुलिस को मुकदमा वापस लेने का पत्र दिया।
कोतवाली पुलिस ने 13 सितंबर 2024 को फाइनल रिपोर्ट लगा दी। यह एफआर कोर्ट में पहुंच गई। वहां से इरम को भी नोटिस आया। उसने जवाब न दिया तो दस दिन पहले केस पूरी तरह खत्म हो गया। इसी दौरान पाकिस्तानियों को देश छोड़ने का फरमान आ गया। इसके बाद बरेली से पाकिस्तान चली गईं। उनका 15 साल का बेटा शाहेनूर और सात साल की बेटी आयजा अपने पिता के साथ ही रहेंगे।
इरम चाहती थीं कि वह बेटी को साथ ले जाएं, पर बच्चों की नागरिकता भारतीय होने के कारण कानूनी तौर पर यह संभव नहीं हो सका। इरम के पास लॉन्ग टर्म वीजा था। सरकार के नए फरमान के हिसाब से वह चाहती तो भी कुछ और समय यहां रह सकती थी पर वह काफी समय से अपने वतन वापसी की तैयारी कर रही थी। मंगलवार दोपहर बाद इरम शहर से निकल गई थीं।