नोटिस के बावजूद अदालत में हाजिर ना होना नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स को महंगा पड़ गया है। कोर्ट ने नगर आयुक्त के इस आचरण को अनुशासनहीनता का प्रतीक बताया। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है।
बरेली में टैक्स अपील के एक मामले में तलब करने बावजूद नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स के उपस्थित नहीं होने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। सुमन कुमार मेहरा ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि दर्जी चौक बड़ा बाजार में उसे एक संपत्ति का आवंटन किया गया। वर्ष 2013-14 में उसका वार्षिक कर निर्धारण 1.26 लाख रुपये और सालाना कर 27 हजार 720 रुपये था। 2014-15 में बिना सूचना के नगर निगम ने इसे बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया। हाईकोर्ट ने दोबारा वार्षिक मूल्यांकन करने का आदेश दिया, लेकिन नगर निगम ने इसका पालन नहीं किया।
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13 जनवरी को लघुवाद न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट ने नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स को 18 जनवरी को कोर्ट में आकर स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं। कोर्ट ने नगर आयुक्त के इस आचरण को अनुशासनहीनता का प्रतीक बताया। अब न्यायालय ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव उप्र शासन को पत्र लिखा है। सुनवाई की अगली तिथि 27 जनवरी निर्धारित की गई है।