कैंट थाना क्षेत्र के गांव बभिया में 16 मार्च की रात अवैध खनन करने वाले गिरोह ने जिला खनन अधिकारी मनीष कुमार और राजस्व टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। इसमें एक राजस्वकर्मी घायल हो गया। एसडीएम सदर प्रमोद कुमार के सामने गिरोह के सदस्यों ने खनन अधिकारी को जान से मारने की धमकी दी। खनन अधिकारी की ओर से दो नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें खनन माफिया के गुर्गे ट्रैक्टर-ट्रॉली दौड़ते नजर आ रहे हैं। चलती ट्रॉली से रेत गिरा रहे हैं।
जिला खनन अधिकारी ने इंस्पेक्टर कैंट राजेश कुमार को बताया कि 15 मार्च की रात वह टीम के साथ चेकिंग करने निकले थे। बभिया गांव के पास बीस ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध खनन और परिवहन करते दिखीं। टीम को देखकर खनन में लगे लोग भागने लगे। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर वह थाने ला रहे थे। रास्ते में महेश व अन्य ने उन पर हमला कर ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी कामयाब नहीं हुए।
इसके बाद वह 16 मार्च की रात बुखारा से फरीदपुर जाने वाले मार्ग पर दोबारा चेकिंग के लिए निकले। बभिया गांव के पास फिर अवैध खनन होता मिला। उन्होंने राजस्व टीम के साथ दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक लोडर पकड़ लिए। राजस्व टीम ने अन्य वाहनों का पांच किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। पकड़े गए वाहनों को वह थाने ला रहे थे।
रास्ते में कृपाल व महेश ने चार अन्य लोगों के साथ घेर लिया। पकड़े गए वाहनों को छुड़ाने के लिए हमला कर दिया और जान से मारने की कोशिश की। उनकी सरकारी कार पर पथराव किया। इसमें एक राजस्वकर्मी घायल हो गया।
खुद को भाजपा नेता बताकर करता था खनन
आरोपी कृपाल खुद को भाजपा नेता बताकर इलाके में रौब गांठता था। इसकी आड़ में वह अवैध खनन कराता था। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ उसके कई फोटो भी वायरल हो रहे हैं। त्योहारों के मौके पर वह इलाके में भाजपा नेताओं के साथ बड़े-बड़े होर्डिंग भी लगवाता था। आरोपी ने इससे पहले कैंट थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह पर भी हमला किया था। राजनीतिक रसूख की वजह से तब उसके खिलाफ महज शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी।