कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आलिम को नाम बदलकर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और गर्भपात का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 10 साल कैद की सजा सुनाई। उसके पिता को धमकाने का दोषी करार देते हुए दो वर्ष कैद की सजा सुनाते हुए टिप्पणी की थी।
कोर्ट ने की थी ये टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि प्रश्नगत प्रकरण लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण का मामला है। लव जिहाद में मुस्लिम पुरुष शादी के माध्यम से इस्लाम में धर्मांतरण के लिए हिंदू महिलाओं को निशाना बनाते हैं। जैसे कि मोहम्मद आलिम ने अपना नाम आनंद बताकर पीड़िता को धोखे में रखकर उससे शादी और बलात्कार किया। लव जिहाद के लिए काफी मात्रा में पैसे की जरूरत होती है।
अत: विदेशी फंडिंग के तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके जरिये देश में पाकिस्तान-बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने की साजिश रची जा रही है। इसका मकसद जनसांख्यिकी बदलना और अंतरराष्ट्रीय तनाव को भड़काना है। यह देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा है। इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।