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बरेली: गन्ना समिति परिसर में किसानों ने दिया धरना, 162 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की मांग

Fri, 30 Oct 2026 09:48 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बहेड़ी (बरेली)

सार

बरेली के बहेड़ी में केसर चीनी मिल द्वारा 162 करोड़ रुपये का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किए जाने से नाराज करीब दो हजार किसानों ने गन्ना समिति परिसर में धरना दिया। संयुक्त पीड़ित किसान संगठन के बैनर तले किसानों ने गन्ना विभाग और चीनी मिल पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए ब्याज सहित भुगतान की मांग की। मांग पूरी न होने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी। 
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धरने पर बैठे किसान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली के बहेड़ी की केसर चीनी मिल की ओर से 162 करोड़ रुपये का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न किए जाने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को गन्ना समिति परिसर में धरना शुरू किया। संयुक्त पीड़ित किसान के बैनर तले किसानों ने गन्ना विभाग पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। जिला गन्ना अधिकारी ने आश्वासन दिया कि दिवाली से पहले चीनी मिल की मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित जमीन की नीलामी करवाकर किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा। किसानों ने दिवाली से पहले भुगतान नहीं होने पर त्योहार के बाद नैनीताल हाईवे पर जाम लगाने की चेतावनी दी।
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सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस धरने में करीब दो हजार किसान शामिल हुए। विजेंद्र सिंह और इकबाल चीमा ने कहा कि लंबे समय से बकाया न मिलने के कारण क्षेत्र के 75 हजार किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। गन्ना समिति के अध्यक्ष राजेंद्र गंगवार ने आरोप लगाया कि केसर चीनी मिल की नीयत ठीक नहीं है। इसलिए खरीद केंद्र भी अन्य चीनी मिलों को आवंटित कर दिए गए हैं। राजा भाटी ने धोखाधड़ी हुई। डांडिया फार्म के चौधरी विनीत सिंह एडवोकेट, किसान नेता रवि ढाका ने भी आक्रोश जताया।

सूचना पर पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार, एसडीएम गोपाल शर्मा और सीओ अरुण कुमार सिंह ने किसानों से वार्ता की। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी अविनाश कुमार सिंह ने बुधवार को बैठक कर नीलामी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मिल ने लगातार धोखा दिया है। इस कारण उसके क्रय केंद्र दूसरी मिलों को आवंटित किए गए हैं। जब तक चीनी मिल पूरा भुगतान नहीं कर देती, तब तक केंद्र आवंटन नहीं किया जाएगा। गन्ना समिति बोर्ड ने भी यही प्रस्ताव पास किया है।
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चक्का जाम करने की दी चेतावनी 
चौधरी विजेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि दूसरी चीनी मिलों को जो खरीद केंद्र आवंटित किए गए हैं, वे यहां से 150 किलोमीटर दूर हैं। किसान किराया कैसे देंगे। क्या गारंटी है कि दूसरी मिलें समय से भुगतान कर ही देंगी। इस पर जिला गन्ना अधिकारी ने समय पर भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने मय ब्याज के भुगतान की मांग करते हुए एसडीएम गोपाल शर्मा को दो सूत्री ज्ञापन दिया। चौधरी विजेंद्र सिंह ने एलान किया कि यदि दिवाली से पहले भुगतान नहीं हुआ तो उसके बाद नैनीताल हाईवे पर चक्का जाम किया जाएगा।
 
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व्यापारियों और अधिवक्ताओं ने दिया समर्थन
बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ता शुक्रवार को कार्य से विरत रहे। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल (बरेली) के आह्वान पर कस्बे की दुकानें बंद रखी गईं। मंडल के प्रतिनिधियों ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। अध्यक्ष,सुदेश अग्रवाल, महामंत्री दुर्गेश कुमार गुप्ता, संयुक्त महामंत्री अतुल अग्रवाल आदि मौजूद रहे। मंडल के पदाधिकारी अतुल गर्ग ने कहा, उच्च पदाधिकारी सीएम के समक्ष यह मुद्दा उठाएंगे।

किसान नेता के पहुंचने पर फिर बैठे किसान
किसान नेता वीएम सिंह के साथी गुलाब सिंह भी धरनास्थल पर पहुंचे। हंगामे के बीच उठे किसान उनको सुनने के लिए फिर बैठ गए। उन्होंने कहा, भुगतान के लिए सरकार कोई बीच का रास्ता निकाले।
 
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भाजपा ने सपाइयों पर धरना हाईजैक करने का लगाया आरोप
किसानों की ओर से तीन दिनों से प्रचार किया जा रहा था कि यह केवल किसानों का धरना है। इसमें राजनीतिक दल या संगठन शामिल नहीं होंगे। इसके बावजूद भाजपा के नगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता धरने में पहुंच गए। उन्होंने माइक थामा तो सपा के जिला उपाध्यक्ष चौधरी विजेंद्र सिंह ने उनसे माइक छीन लिया। कुर्ते के ऊपर पहनी भगवा रंग की कोटी को भाजपा का रंग बताकर उतरवा दिया। पूर्व नगर अध्यक्ष सुनील रस्तोगी, सभासद दिनकर गुप्ता आदि ने इसकी निंदा की। लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

राहुल गुप्ता ने कहा कि वह व्यापारी-किसान समर्थक होने के नाते धरने में पहुंचे थे। उनके पहुंचने से इसलिए दिक्कत हुई क्योंकि 31 अक्तूबर को सपा का धरना प्रस्तावित है। यह धरना भी उसी की रूपरेखा के तहत था। वहीं, चौधरी विजेंद्र सिंह ने कहा, राहुल गुप्ता ने उनसे माइक छीना था। यह धरने को असफल करने की योजना थी।

गन्ना समिति के उपाध्यक्ष चौधरी नरेंद्र सिंह ने बताया कि राहुल गुप्ता को रोकना नहीं चाहिए था। इससे गलत संदेश गया। वह किसानों के धरने में व्यापारी-किसान एकता के नाते पहुंचे थे। भाजपा पदाधिकारियों ने सपाइयों पर धरना हाईजैक का आरोप लगाया। मामले की जांच की मांग की है।
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