जंक्रशन के पास रेलवे गाडर शिफटिंग
यहां रेलवे जंक्शन और सिटी स्टेशन के बीच चौपुला के पास रेलवे पुल के गार्डर बदलने का काम पूरा होने से बरेली-कासगंज के बीच ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का कार्य एक कदम आगे बढ़ गया। सीआरएस निरीक्षण के बाद जंक्शन से सीधे रामगंगा होते हुए ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। कासगंज रेल मार्ग ब्राडगेज बनने के बाद यहां जंक्शन और सिटी स्टेशन को उत्तर रेलवे ट्रैक के जरिए जोड़ दिया गया था। बरेली -कासगंज के बीच चलने वाली ट्रेनें रेलवे जंक्शन से चनेहटी होकर रामगंगा तक उत्तर रेलवे के ट्रैक पर दौड़ती हैं। लखनऊ-दिल्ली के बीच बरेली होकर उत्तर रेलवे की डेढ़ सौ से अधिक ट्रेनें दौड़ती हैं। यह ट्रैक अति व्यस्त होने से बरेली-कासगंज के बीच केवल दो जोड़ी ट्रेनें ही चलाई जा सकीं। बरेली सिटी-रामगंगा के बीच एनईआर का अलग ट्रैक बन चुका है। एनईआर की लाइन चौपुला के पास उत्तर रेलवे के पुल संख्या 1032 नीचे होकर गुजरती है। इस पुल के स्टील गार्डर बदलने का कार्य पिछले कई महीने से लटका था, जो सोमवार देर शाम तक पूरा कर लिया गया। इज्जतनगर रेल मंडल पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि चौपुला पुल के पास दीवार बनाई जाएगी। अक्टूबर के आखिर तक बरेली सिटी से रामगंगा तक सीआरएस निरीक्षण होने की उम्मीद है। सीआरएस की हरी झंठी मिलने के बाद बरेली-कासगंज रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी जाएंगी।
रेलवे के ब्लाक ने किया यात्रियों को बेहाल
यहां रेलवे जंक्शन व सिटी स्टेशन के बीच चौपुला के पास पुल के स्टील गार्डर बदलने के लिए रेलवे ने 10 घंटे का ब्लाक लिया था जिससे कई ट्रेनें प्रभावित रहीं। ट्रैक तो पहले छह घंटे के लिए ही बंद किया गया लेकिन बाद में काम खत्म न होने से ब्लाक की मियाद बढ़ती गई। डाउन लाइन पर ट्रेनों को संचालन करीब नौ घंटे तक ठप रहा। ब्लाक का समय बढ़ने पर डीआरएम समेत रेलवे के अफसर घंटों मुरादाबाद कंट्रोल रूम में बैठे रहे। कई ट्रेनें बरेली के इधर-उधर स्टेशनों पर खड़ी रहीं। करीब दो सौ यात्रियों ने अपने टिकट निरस्त करा लिए। सोमवार को बरेली जंक्शन और सिटी स्टेशन के बीच चौपुला के पास पुल संख्या 1032 के स्टील गार्डर बदलने का कार्य किया गया। इससे डाउन लाइन पूर्वाह्न 11.30 से शाम 5.30 बजे तक ब्लाक घोषित किया गया था। इस बीच दिल्ली से लखनऊ की ओर जाने वाली ट्रेनों को मुरादाबाद से रूट बदलकर बाया चंदौसी होकर निकाला गया। इनसे बरेली जंक्शन उतरने वाले यात्रियों को चनेहटी स्टेशन ( बरेली कैंट) उतारा गया। इन ट्रेनों का रूट बदलने से जंक्शन पर यात्री भटकते नजर आए। पूछताछ के बाद तमाम लोग आटो में बैठकर चनेहटी स्टेशन चले गए। तमाम लोगों ने अपनी यात्री निरस्त कर दी।
शाम को स्थित उस वक्त और ज्यादा बिगड़ गई जब तय समय शाम 5.30 बजे तक पुल के स्टील गार्डर बदलने का काम अधूरा रहने से ब्लाक का समय बढ़ाना पड़ा। दिल्ली से बरेली होकर लखनऊ की ओर जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को परसाखेड़ा और श्रमजीवी एक्सप्रेस को भिटौरा स्टेशन पर खड़ा करना पड़ा। लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस को बरेली सिटी पर खड़ा किया गया। इन ट्रेनों के न आने से यात्री इधर-उधर भटकते रहे। कुछ यात्री इकट्ठे होकर डिप्टी एसएस के दफ्तर में गए। उनके पूछने काफी देर तक ब्लाक कब तक रहेगा इसका पता नहीं चल सका। इससे गुस्साए कुछ यात्रियों ने स्टेशन पर हंगामा भी किया। पता लगने पर वहां पहुंचे जीआरपी व आरपीएफ जवानों ने लोगों को समझाकर शांत किया। देर शाम काम पूरा होने पर ब्लाक खोला गया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया।