फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: जिम में महिला डॉक्टर संग दरिंदगी और ब्लैकमेलिंग, यहां युवकों को दिया जा रहा धीमा जहर; 400 से अधिक अवैध जिम

Thu, 07 May 2026 01:15 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली के एक जिम संचालक और उसके भाई पर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद राज्य महिला आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय ने बुधवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर सभी जिम व स्पा सेंटरों की जांच कराने की बात कही। 
विज्ञापन
आरोपी जिम संचालक और उसका भाई - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली कोतवाली क्षेत्र में स्थित अल्टीमेट फिटनेस जिम में महिला डॉक्टर के साथ हुई दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की वारदात ने शहर के फिटनेस सेंटरों के काले सच को बेनकाब कर दिया है। यह घटना अवैध जिम संचालकों की मनमानी और प्रशासनिक लापरवाही का भी प्रमाण है। स्थिति यह है कि शहर के गली-मोहल्लों में संचालित हो रहे 400 से ज्यादा अवैध जिम जनता की सेहत सुधारने के नाम पर उनकी सुरक्षा और भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
विज्ञापन


हैरानी की बात यह है कि सरकारी फाइलों में इनकी मौजूदगी शून्य है। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी चंचल मिश्रा ने बताया कि जिले के एक भी जिम संचालक ने अब तक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। यह सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की सक्रियता पर सवाल उठाता है। नियमानुसार, किसी भी जिम के संचालन के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड का प्रमाणपत्र, लीज डीड, बिजली बिल और अग्निशमन विभाग की एनओसी जैसे कड़े मानक अनिवार्य हैं, लेकिन धरातल पर इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

सरकारी गाइडलाइन में स्पष्ट है कि जिम परिसर के भीतर ऑक्सीजन सिलिंडर, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान जैसे आपातकालीन इंतजाम होने चाहिए। साथ ही, सीसी कैमरों की अनिवार्यता और फ्लोरिंग के विशेष मानकों का पालन भी कागजों तक ही सीमित है। अधिकतर केंद्रों पर न तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, न ही किसी अप्रिय घटना के लिए संचालकों की कोई जवाबदेही तय है।

 

सप्लीमेंट के नाम पर भी चल रहा खेल
अवैध जिम में चल रहा सप्लीमेंट का काला कारोबार युवाओं के लिए धीमा जहर साबित हो रहा है। नियमों के तहत जिम में किसी प्रकार के प्रोटीन या दवाओं की बिक्री प्रतिबंधित है, फिर भी अनुभवहीन कोचों के माध्यम से युवाओं को भारी मात्रा में प्रतिबंधित सप्लीमेंट बेचे जा रहे हैं। 
 

महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग निपुण प्रशिक्षकों की नियुक्ति का नियम भी दरकिनार कर दिया गया है। हर साल फरवरी में होने वाले अनिवार्य नवीनीकरण को ठेंगा दिखाकर ये संचालक न केवल सरकारी राजस्व को चपत लगा रहे हैं, बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन गए हैं।


 

राज्य महिला आयोग सख्त, जिम-स्पा सेंटरों की होगी जांच
बरेली के एक जिम संचालक और उसके भाई पर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद राज्य महिला आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय ने बुधवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर सभी जिम व स्पा सेंटरों की जांच कराने की बात कही। कहा कि बिना महिला ट्रेनर के संचालित हो रहे फिटनेस सेंटरों पर सख्त कार्रवाई कराएं।
 

सदस्य ने कहा कि जिम में महिलाओं के लिए महिला प्रशिक्षक की तैनाती होनी चाहिए। जिम के बाहर मालिक और ट्रेनर का नाम लिखा होना चाहिए। जिम के अंदर किसी भी प्रकार की मेडिसिन की बिक्री नहीं होनी चाहिए। 

 

इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से अलग से अनुमति ली जाए। इसी प्रकार ब्यूटी पार्लर, लेडीज टेलर प्रतिष्ठानों पर भी महिला स्टाफ की नियुक्ति अनिवार्य की जाए। नियमों के दायरे में ही सेंटरों का संचालन हो। थाना स्तर पर इनकी सूची भी बनाई जाए और 
इसका रिकॉर्ड रखा जाए।
 

राज्य महिला आयोग के रुख को देखते हुए जिलाधिकारी की ओर से एसएसपी को पत्र भेजा गया है। इसमें आयोग की सदस्य के निर्देशों का हवाला देकर एक सप्ताह में सभी जिम और स्पा सेंटरों की जांच कराकर सूची बनाने और इसे महिला आयोग को भी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।

 
विज्ञापन

महिला की हत्या की जांच का दिया आश्वासन
आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय ने संपत्ति के लालच में की गई मढ़ीनाथ निवासी शारदा यादव की हत्या के मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। शारदा के परिजनों से मुलाकात करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्हें आश्वासन दिया कि जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें